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योगाभ्यास से पाएं स्वस्थ तन-मन

बढ़ती उम्र में तन-मन फिट रखने का सबसे अच्छा उपाय है योगाभ्यास

योगाभ्यास से पाएं स्वस्थ तन-मन
बढ़ती उम्र में तन-मन फिट रखने का सबसे अच्छा उपाय है योगाभ्यास। कुछ खास आसनों के अभ्यास से इस मौसम में भी कई सारी बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। जानिए, इस मौसम में कौन-से आसन हो सकते हैं अधिक प्रभावी।
बढ़ती उम्र में तन-मन फिट रखने का सबसे अच्छा उपाय है योगाभ्यास। कुछ खास आसनों के अभ्यास से इस मौसम में भी कई सारी बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। जानिए, इस मौसम में कौन-से आसन हो सकते हैं अधिक प्रभावी।उ म्र बढ़ने और लाइफस्टाइल चेंज हो जाने से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ता है। ऐसे में फिट रहने के लिए योगासन का अभ्यास प्रभावी होता है। इस मौसम के लिए कुछ विशेष आसन जैसे वक्रासन, चक्रासन, गोमुखासन, वृक्षासन कर सकती हैं। ये आसन शरीर को गर्मी प्रदान करते हैं।
गोमुखासन
दाहिने पैर को बाएं पैर के जांघों के ऊपर से ले जाकर नीचे जमीन पर लेटी हुई अवस्था में रखें। दाहिने हाथ को ऊपर की ओर सीधा उठाएं। बाएं हाथ को पीठ के पीछे से ले जाकर ऊपर की ओर रखें। अब दाएं हाथ से बाएं हाथ को पकड़ लें। लंबी गहरी श्वांस-प्रश्वांस लें। दूसरी ओर से भी ऐसा ही करें। याद रखें, जिस ओर का पैर ऊपर होगा, उसी ओर का हाथ ऊपर की ओर उठेगा। इस आसन को करने से हृदय और फेफड़ों की स्वाभाविक मालिश हो जाती हैं। यह नितंब, पीठ और कंधों के दर्द में लाभदायक है। साथ ही इसके नियमित अभ्यास से बीपी की प्रॉब्लम ठीक हो जाती है।
वक्रासन
दोनों पैरों को एक सीध में रखें। दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर के घुटने के उस तरफलाएं। अब बाएं हाथ को दाहिने पैर के पंजे तक ले जाएं। दाहिने हाथ की हथेली पीछे की ओर ले जाकर जमीन तक टिका दें। गर्दन को बार्इं तरफ घुमाकर ठुड्ढी को कंधे पर टिकाएं। ऐसे यह क्रिया दोनों पैरों से दो-दो बार दोहराएं और आराम के लिए शरीर को ढीला छोड़ दें। वक्रासन लीवर और किडनी को ठीक करता है। दमे के रोगियोंं और पीठ दर्द से पीड़ित महिलाओं के लिए यह आसन रामबाण है।
चक्रासन
दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर नितंबों के पास लाएं। हथेली अंदर करके हाथों को कंधों के पास रखें। श्वांस लेते हुए धीरे-धीरे अपने शरीर को ऊपर की ओर उठाएं। आरामदायक स्थिति तक रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए नीचे आ जाएं। अगर पहली बार में कठिनाई महसूस हो तो दोबारा न करें। यह आसन मधुमेह, कब्ज और मोटापे को कम करता है। दमे में विशेषकर लाभदायक है। हाईबीपी, हार्ट प्रॉब्लम, हॉर्निया, शुगर के मरीजों के लिए भी उपयोगी है।
वृक्षासन
दाहिने पैर की एड़ी को बाएं पैर के जंघामूल से लगाएं। श्वांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर तक सीधा तानें और आपस में जोड़कर प्रणाम की मुद्रा बनाएं। आरामदायक स्थिति तक रुकते हुए श्वांस को छोड़ते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं। दूसरे पैरों से ऐसा ही करें। यह आसन एकाग्रता को बढ़ाता है। साथ ही जिन महिलाओं को हार्ट प्रॉब्लम हो, पैर कमजोर और पतले हों, इस आसन को न करें।
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