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नेस्ले की Maggi जांच में एक बार फिर नाकाम

नियमानुसार मैगी मसाले की राख की मात्रा एक फीसदी होनी चाहिए मगर जांच में यह मात्रा 1.85 प्रतिशत पाई गई हे।

नेस्ले की Maggi जांच में एक बार फिर नाकाम
बाराबंकी. अपनी गुणवत्ता को लेकर पूर्व में सवालों से घिरी रही नेस्ले मैगी ताजा जांच में एक बार फिर नाकाम हो गई है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले में एक अभियान के तहत गत पांच फरवरी को बाराबंकी के सफेदाबाद कस्बे में एक जनरल स्टोर से मैगी नूडल्स के नमूने लिए थे। उन्होंने बताया कि जांच में नमूने मानक के विपरीत पाए गए हैं। नियमानुसार मैगी मसाले की राख की मात्रा एक फीसद होनी चाहिए मगर जांच में यह मात्रा 1.85 प्रतिशत पाई गई हे। यह रिपोर्ट लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में जांच के बाद गत 26 फरवरी को जारी की गई है। मनोज ने बताया कि अब संबंधित विक्रेता और नेस्ले कंपनी को नोटिस भेजे जाएगे। अगर वे इस जांच से असंतुष्ट है तो अपने खर्च पर नमूने को रेफरल लैब में भेज सकते है और वहां की रिपोर्ट अंतिम मानी जाएगी।
अर्जी नहीं तो होगा केस
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अगर एक महीने के अंदर जांच के लिए कंपनी का विक्रेता की तरफ से कोई अर्जी नहीं आएगी तो अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर कराया जाएगा। इस मामले में पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी किया जा सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल बाराबंकी में ही लिए गए मैगी के नमूनों में स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक तत्व पाए गए थे। उसके बाद नेस्ले के इस उत्पाद की बिक्री रोक दी गई थी।
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