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अगर आपका बच्चा भी करता है इमेजिनरी फ्रेंड्स से बातें, तो जानें क्या हैं इसके फायदे और नुकसान

हर बच्चे के कुछ खास दोस्त होते हैं। लेकिन कुछ बच्चों के इमेजिनरी फ्रेंड्स भी होते हैं। ये दोस्त बच्चों के मानसिक विकास में बहुत सहायक साबित होते हैं और पर्सनालिटी में भी पॉजिटिव चेंज लाते हैं।

अगर आपका बच्चा भी करता है इमेजिनरी फ्रेंड्स से बातें, तो जानें क्या हैं इसके फायदे और नुकसान
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छह साल की मिनी अपनी छोटी सी डॉल के साथ घंटों अकेली खेलती है, उससे ढेरों बातें करती है। इतना ही नहीं जब वह परेशान होती है या फिर किसी बात पर अपनी मम्मी से नाराज होती है, तो भी वह अपनी इसी डॉल को जाकर सारी शिकायतें करती है।

असल में मिनी की डॉल उसकी इमेजिनरी फ्रेंड है। एक अध्ययन से भी यह साबित हुआ है कि करीब 65 फीसदी बच्चे अपने इमेजिनरी फ्रेंड के साथ से बड़ी राहत और लगाव महसूस करते हैं।

जिन बच्चों के इमेजिनरी फ्रेंड होते हैं, उनका पर्सनालिटी डेवेलपमेंट उन बच्चों की तुलना में बेहतर होता है, जिन बच्चों के इमेजिनरी फ्रेंड नहीं होते। ऐसे में पैरेंट्स को बच्चों को इमेजिनरी फ्रेंड बनाने से रोकना नहीं चाहिए।

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इमेजिनरी फ्रेंड बनाने की वजह

जब बच्चा घर में सिंगल चाइल्ड होता है, उसके दोस्त कम होते हैं या फिर वह घर का सबसे बड़ा बच्चा होता है तो ऐसे बच्चों में इमेजिनरी फ्रेंड बनाने की संभावना ज्यादा होती है। ये बच्चे अपना मन लगाने के लिए खुद ही ऐसे फ्रेंड की कल्पना कर लेते हैं।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि जो बच्चे इमेजिनरी फ्रेंड नहीं बनाते, उनकी तुलना में इमेजिनरी फ्रेंड के साथ रहने वाले कम शर्मीले, खुशमिजाज और खेलकूद में होशियार होते हैं। ऐसी सिचुएशन में पैरेंट्स को चाहिए कि अगर उनका बच्चा किसी इमेजिनरी फ्रेंड से बात करता है तो परेशान न हों। इमेजिनरी फ्रेंड होने से बच्चों को फायदा होता है।

पैरेंट्स को चाहिए कि उसके इमेजिनरी फ्रेंड के बारे में ज्यादा से ज्यादा बातचीत करें। इससे उसकी दिलचस्पी, इच्छा, डर, चिंता के बारे में भी बातें करें। अगर बच्चा ओवर रिएक्ट न कर रहा हो, इमेजिनरी फ्रेंड के साथ खेलकर आनंद महसूस कर रहा हो तो पैरेंट्स भी रिलैक्स करें।

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पर्सनालिटी पर पॉजिटिव असर

कुछ साल पहले तक मनोचिकित्सक इमेजनरी फ्रेंड बनाने को मानसिक बीमारी का संकेत मानते थे लेकिन कुछ शोध बताते हैं कि इमेजिनरी फ्रेंड, बच्चों के लिए अच्छे होते हैं। ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सटी में शोधकर्ता मनोविज्ञानी डॉ. ईवान किड ने लंबे समय तक इमेजिनरी फ्रेंड के रोल पर शोध किया है।

वे कहते हैं कि बचपन में इमेजिनरी फ्रेंड के साथ खेलने से बच्चे के सामाजिक, बौद्धिक, भाषागत विकास के बीच सीधा और गहरा संबंध है। इमेजिनरी फ्रेंड बनाने से बच्चों की कम्युनिकेशन स्किल भी निखरती है।

इससे उसमें यह समझ भी आती है कि किसी भी चीज के दो अलग-अलग नजरिए हो सकते हैं, एक खुद उसके जैसा और दूसरा उसके फ्रेंड का जैसा। डॉ. ईवान कहते हैं, ‘ये बच्चे दूसरे इंसान की दिमागी स्थिति का आकलन करने, दूसरे के दिमाग में चलने वाली बातें समझने और विचारों के अंतर को समझते हैं, इसलिए बुद्धिमान होते हैं।’

क्रिएटिविटी भी बढ़ती हैं

यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर और ला यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर द्वारा किए गए अनुसंधान के नतीजे बताते हैं कि इमेजनरी फ्रेंड का साथ महसूस करने वाले बच्चे इसके फायदों का लाभ पूरी जिंदगी उठाते हैं। ये बच्चे बड़े होकर, ज्यादा क्रिएटिव, उपलब्धियां हासिल करने वाले बनते हैं।

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