Parenting Tips: एग्ज़ाम नज़दीक आते ही टेंशन में आ गए हैं बच्चे? इन तरीकों से बूस्ट करें कॉन्फिडेंस

How to boost confidence in children before exams
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एग्जाम से पहले बच्चों का कॉन्फिडेंस बढ़ाने के तरीके।

Parenting Tips: परीक्षा करीब आते ही बच्चों का टेंशन में आना सामान्य है। ऐसी सूरत में पैरेंट्स कुछ टिप्स की मदद से उनका कॉन्फिडेंस बढ़ा सकते हैं।

Parenting Tips: जैसे-जैसे परीक्षा का समय नज़दीक आता है, बच्चों में तनाव और घबराहट बढ़ना आम बात है। सिलेबस का दबाव, अच्छे नंबर लाने की उम्मीद और फेल होने का डर बच्चों के कॉन्फिडेंस को कमजोर कर देता है, जिसका असर उनकी पढ़ाई और परफॉर्मेंस दोनों पर पड़ता है।

ऐसे समय में बच्चों को डांटने या ज़्यादा प्रेशर देने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाना बेहद ज़रूरी होता है। सही मार्गदर्शन, सकारात्मक माहौल और कुछ आसान तरीकों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है, जिससे वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

इन तरीकों से बच्चों का कॉन्फिडेंस बढ़ाएं

पढ़ाई का सही और आसान टाइम टेबल बनाएं

बिना प्लान के पढ़ाई करने से बच्चों में घबराहट बढ़ती है। एक आसान और रियलिस्टिक टाइम टेबल बनाएं, जिसमें पढ़ाई के साथ ब्रेक का भी समय हो। छोटे-छोटे टारगेट सेट करने से बच्चों को लगेगा कि वे सिलेबस कंट्रोल में रख पा रहे हैं, जिससे उनका कॉन्फिडेंस अपने आप बढ़ेगा।

तुलना करने से बचें

अक्सर माता-पिता बच्चों की तुलना दूसरों से करने लगते हैं, जो उनके आत्मविश्वास को तोड़ देता है। हर बच्चा अलग होता है और उसकी सीखने की क्षमता भी अलग होती है। तुलना करने के बजाय उसकी कोशिशों की सराहना करें और उसे भरोसा दिलाएं कि वह अपना बेस्ट कर सकता है।

रिवीजन को बनाएं स्ट्रॉन्ग हथियार

परीक्षा से पहले बार-बार रिवीजन करना बच्चों के लिए बहुत जरूरी होता है। रिवीजन से पढ़ा हुआ याद रहता है और एग्ज़ाम हॉल में डर कम लगता है। छोटे नोट्स, चार्ट और माइंड मैप्स की मदद से रिवीजन आसान और असरदार बनाया जा सकता है।

पॉजिटिव बातें और मोटिवेशन दें

बच्चों से रोज़ पॉजिटिव बातें करें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि परीक्षा ही सब कुछ नहीं है। तुम कर सकते हो और हमें तुम पर भरोसा है जैसे शब्द बच्चों में आत्मविश्वास भर देते हैं। इससे उनका डर कम होता है और वे शांत मन से पढ़ाई कर पाते हैं।

सही नींद और खानपान का रखें ध्यान

एग्ज़ाम के समय नींद और खानपान की अनदेखी करना आम है, लेकिन यह बच्चों के कॉन्फिडेंस और फोकस को नुकसान पहुंचाता है। रोज़ 7-8 घंटे की नींद और हल्का, पौष्टिक खाना बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।

ब्रेक और रिलैक्सेशन भी है ज़रूरी

लगातार पढ़ाई करने से दिमाग थक जाता है और टेंशन बढ़ती है। पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक, हल्की एक्सरसाइज, म्यूज़िक या डीप ब्रीदिंग बच्चों को रिलैक्स करने में मदद करती है। इससे दिमाग फ्रेश रहता है और आत्मविश्वास बना रहता है।

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