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Gut Health: आंतों की सेहत को सुधारने में कुछ नेचुरल तरीके मददगार हो सकते हैं। जानते हैं इनके बारे में जो गट हेल्थ को सुधार सकते हैं।

Gut Health: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित खानपान और तनाव ने पाचन से जुड़ी समस्याओं को आम बना दिया है। कई लोग शिकायत करते हैं कि थोड़ा सा भी भारी खाना खा लें तो पेट फूलना, गैस, जलन या अपच की दिक्कत शुरू हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो यह आपके गट हेल्थ के बिगड़ने का संकेत हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हमारा पेट सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि पूरी सेहत की नींव भी वहीं से जुड़ी होती है। इम्यून सिस्टम से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक, सब कुछ गट माइक्रोबायोम पर निर्भर करता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और नेचुरल तरीकों से आप अपने पाचन तंत्र को फिर से मजबूत बना सकते हैं।

गट हेल्थ सुधारने के नेचुरल तरीके

प्रोबायोटिक और फर्मेंटेड फूड्स को डाइट में शामिल करें
दही, छाछ, किण्वित (फर्मेंटेड) खाद्य पदार्थ जैसे इडली, डोसा बैटर, कांजी और अचार में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं। ये आंतों में मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। रोजाना एक कटोरी दही या एक गिलास छाछ लेने से पाचन बेहतर होता है और गैस-अपच की समस्या कम हो सकती है।

फाइबर से भरपूर आहार लें
हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। फाइबर आंतों की सफाई करता है और कब्ज से राहत दिलाता है। ध्यान रखें कि फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं और साथ में पर्याप्त पानी जरूर पिएं, वरना उल्टा असर भी हो सकता है।

पर्याप्त पानी पिएं
कम पानी पीने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। शरीर में पानी की कमी से कब्ज, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। दिनभर में कम से कम 7-8 गिलास पानी पीने की आदत डालें। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना भी गट के लिए फायदेमंद माना जाता है।

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खाने का सही समय और आदतें सुधारें
बहुत जल्दी-जल्दी खाना, देर रात भारी भोजन करना या खाते वक्त मोबाइल देखना भी पाचन पर असर डालता है। धीरे-धीरे चबाकर खाना खाने से एंजाइम बेहतर तरीके से काम करते हैं। कोशिश करें कि रात का खाना सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खा लें।

तनाव कम करें और नियमित व्यायाम करें
तनाव का सीधा असर पेट पर पड़ता है। ज्यादा चिंता और स्ट्रेस से एसिडिटी और अपच बढ़ सकती है। रोजाना 20-30 मिनट वॉक, योग या प्राणायाम करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। खासकर अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसी क्रियाएं गट हेल्थ सुधारने में मददगार मानी जाती हैं।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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लेखक: (कीर्ति)

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