Cracked Heels: फटी एड़ियों की वजह से होती है शर्मिंदगी? इन घरेलू उपायों से मिलेगी राहत

फटी एड़ियों में राहत दिलाने वाले घरेलू उपाय।
Cracked Heels: खूबसूरत सैंडल पहनने का मन हो और एड़ियों की दरारें सामने आ जाएं, तो शर्मिंदगी महसूस होना आम बात है। फटी एड़ियां न सिर्फ देखने में खराब लगती हैं, बल्कि कई बार दर्द, जलन और खून निकलने जैसी परेशानी भी पैदा कर देती हैं। खासकर सर्दियों या ज्यादा देर तक खुले जूते पहनने वालों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
अक्सर लोग इसे छोटी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर देखभाल न हो तो फटी एड़ियां गंभीर रूप भी ले सकती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इस परेशानी से राहत पाई जा सकती है, वो भी बिना ज्यादा खर्च किए।
फटी एड़ियों से राहत दिलाने वाले घरेलू उपाय
गुनगुने पानी में पैर भिगोना: फटी एड़ियों के इलाज का सबसे आसान तरीका है पैरों को गुनगुने पानी में भिगोना। एक टब में हल्का गर्म पानी लें और उसमें थोड़ा नमक या शैम्पू मिला लें। 10–15 मिनट तक पैर भिगोने से त्वचा मुलायम होती है और जमी हुई गंदगी निकल जाती है।
प्यूमिक स्टोन या फुट स्क्रबर का इस्तेमाल: पैर भिगोने के बाद प्यूमिक स्टोन या फुट स्क्रबर से एड़ियों को हल्के हाथ से रगड़ें। इससे डेड स्किन हटती है और दरारें धीरे-धीरे भरने लगती हैं। ध्यान रखें कि ज्यादा जोर न लगाएं, वरना त्वचा छिल सकती है।
नारियल तेल या घी लगाएं: रात को सोने से पहले एड़ियों पर नारियल तेल या देसी घी लगाना बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करता है और दरारों को भरने में मदद करता है। बेहतर असर के लिए कॉटन सॉक्स पहनकर सोएं।
शहद का इस्तेमाल करें: शहद में एंटीबैक्टीरियल और मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं। इसे सीधे फटी एड़ियों पर लगाएं या गुनगुने पानी में थोड़ा शहद मिलाकर पैर भिगोएं। नियमित इस्तेमाल से त्वचा सॉफ्ट और स्मूद होने लगती है।
नींबू और ग्लिसरीन का मिश्रण: नींबू का रस और ग्लिसरीन मिलाकर लगाने से एड़ियों की रूखी त्वचा को पोषण मिलता है। यह मिश्रण डेड स्किन हटाने और नई त्वचा बनने में मदद करता है। रात में लगाने पर इसका असर ज्यादा अच्छा होता है।
कब जरूरी है डॉक्टर की सलाह?
अगर एड़ियों से खून निकलने लगे, ज्यादा दर्द हो या डायबिटीज के मरीज हैं, तो घरेलू उपायों के साथ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है। सही समय पर इलाज से संक्रमण से बचा जा सकता है।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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