Ramadan health tips: रमजान का महीना इबादत, अनुशासन और आत्मचिंतन का समय माना जाता है। इस दौरान सुबह से शाम तक रोजा रखने से शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पढ़ाई, नौकरी या घरेलू जिम्मेदारियां निभाते हैं। इसलिए सहरी में सही और संतुलित भोजन लेना बेहद जरूरी माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार सहरी में ऐसा भोजन शामिल करना चाहिए जो धीरे-धीरे ऊर्जा दे और लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास कराए। इससे दिन भर थकान और कमजोरी से बचने में मदद मिलती है।
तले और मीठे भोजन से क्यों बचना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग सहरी में तला हुआ या बहुत मीठा भोजन खा लेते हैं। इससे शरीर को शुरुआत में तो ऊर्जा मिलती है, लेकिन कुछ समय बाद अचानक ऊर्जा गिरने लगती है। इसका असर यह होता है कि दिन चढ़ने के साथ प्यास और थकान ज्यादा महसूस होने लगती है। इसलिए सहरी में संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन चुनना जरूरी है।
सहरी में शामिल करें ये 5 पौष्टिक खाद्य पदार्थ
1. कैलिफोर्निया बादाम
बादाम में विटामिन बी2, विटामिन ई, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह शरीर को लंबे समय तक टिकाऊ ऊर्जा देने में मदद करते हैं। सहरी में भीगे हुए बादाम या स्मूदी में मिलाकर खाने से दिन भर ऊर्जा बनी रह सकती है।
2. ओट्स
दूध या प्लांट बेस्ड ड्रिंक के साथ तैयार किया गया ओट्स जटिल कार्बोहाइड्रेट और फाइबर का अच्छा स्रोत है। यह ऊर्जा को धीरे-धीरे रिलीज करता है, जिससे लंबे समय तक भूख कम लगती है और शरीर एक्टिव रहता है।
3. अंडे
अंडे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन और जरूरी अमीनो एसिड से भरपूर होते हैं। उबले अंडे, ऑमलेट या स्क्रैम्बल्ड एग के रूप में इन्हें सहरी में शामिल किया जा सकता है। यह मांसपेशियों को मजबूत रखते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं।
4. ग्रीक योगर्ट और सीड्स
ग्रीक योगर्ट में प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाते हैं। इसमें चिया या फ्लैक्ससीड्स मिलाने से फाइबर और हेल्दी फैट बढ़ जाते हैं, जो शरीर को दिन भर सक्रिय बनाए रखने में मदद करते हैं।
5. केला
केला प्राकृतिक शुगर, पोटैशियम और फाइबर का अच्छा स्रोत है। यह तुरंत और संतुलित ऊर्जा देता है तथा शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।
संतुलित सहरी से आसान होता है रोजा
मैक्स हेल्थकेयर के रीजनल हेड ऋतिका समद्दार का कहना है कि सहरी में जटिल कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, हेल्दी फैट और जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित संयोजन होना चाहिए। इससे शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है और रोजा रखना आसान हो जाता है।
बादाम, ओट्स, अंडे और केले जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को सहरी में शामिल करके लोग पूरे दिन सक्रिय रह सकते हैं और रमजान के दौरान अपनी सेहत का बेहतर ख्याल रख सकते हैं।










