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अब कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए चुकाना होगा ''सुगर टैक्स'', जानें वजह

वैसे तो हम सभी को पता है कि सॉफ्ट ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक पीना हमारी सेहत के लिए सही नहीं है। सरकार कई तरह के कैंपेन चलाती है और लोगों से अपील करती है कि इस तरह की ड्रिंक्स को पीने से बचें। सेहत पर बुरा असर डालने वाली ड्रिंक्स की असलियत जानने के बावजूद लोग सॉफ्ट ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक को छोड़ना नहीं चाहते हैं।

अब कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए चुकाना होगा

वैसे तो हम सभी को पता है कि सॉफ्ट ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक पीना हमारी सेहत के लिए सही नहीं है। सरकार कई तरह के कैंपेन चलाती है और लोगों से अपील करती है कि इस तरह की ड्रिंक्स को पीने से बचें। सेहत पर बुरा असर डालने वाली ड्रिंक्स की असलियत जानने के बावजूद लोग सॉफ्ट ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक को छोड़ना नहीं चाहते हैं।

ऐसे में लोगों की सेहत पर इसका ज्यादा असर न पड़े इसके लिए ब्रिटेन सरकार ने एक नायाब तरीका निकाला है। ब्रिटेन के लोगों को अब सॉफ्ट ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए ज्यादा रकम चुकानी पड़ेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रिटेन में गुरुवार को सुगर टैक्स यानी मीठा कर लागू कर दिया गया है।

ये है सरकार का प्लान

सुगर टैक्स सरकार की योजना मोटापा और चीनी से जुड़ी बीमारियों का एक हिस्सा है। इस कर से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल सरकार स्कूलों में यूटिलाइज करेगी।

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स्कूल में बच्चों के लिए खेलकूद की सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। ज्यादा मीठी वाली चीजें और अधिक महंगी हो जाएंगी क्योंकि इस पर सरकार ने टैक्स की दर ज्यादा रखी है।

टैक्स रेट

  • प्रति लीटर 50 ग्राम तक चीनी वाला पेय पदार्थ- 18 पेंस (ब्रिटेन करंसी) प्रति लीटर
  • 80 ग्राम या उससे अधिक चीनी वाला पेय पदार्थ- 24 पेंस प्रति लीटर

दो साल पहले हो गई थी घोषणा

ब्रिटेन में इस टैक्स की घोषणा दो साल पहले ही हो गई थी। पूर्व चांसलर जॉर्ज ऑस्ब्रोन ने 2016 में सॉफ्ट ड्रिंक्स उद्योग कर (सुगर टैक्स) की घोषणा कर दी थी। इस टैक्स के तहत वसूली विनिर्माताओं से की होगी। अगर वह चाहें तो इस टैक्स को उपभोक्ताओं से ले सकते हैं।

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