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धनुरासन क्या है, जानें इसकी विधि और करने के लाभ

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। इसे योग दिवस भी कहा जाता है। योग दिवस 2018 का मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में होगा। नियमित योगाभ्यास स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभकारी होता है। अगर आप धनुरासन का अभ्यास रोज करती हैं, तो पेट संबंधी और मासिक धर्म संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

धनुरासन क्या है, जानें इसकी विधि और करने के लाभ

International Yoga Day

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। इसे योग दिवस भी कहा जाता है। योग दिवस 2018 का मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में होगा। नियमित योगाभ्यास स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभकारी होता है। अगर आप धनुरासन का अभ्यास रोज करती हैं, तो पेट संबंधी और मासिक धर्म संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

आज की इस रिपोर्ट में हम आपको धनुरासन करने की विधि और उसके लाभ के बारे में बताने जा रहे हैं। धनुरासन को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।

इस आसन को करते हुए शरीर का आकार एक धनुष के समान दिखाई देने लगता है, इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है। यह आसन करते समय आपको भुजंगासन और शलभासन दोनों के लाभ एक साथ प्राप्त होते हैं।

विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ते हुए कमर के पास ले आएं और अपने हाथ से दोनों टखनों को पकड़ें।
  • सांस लेते हुए आप अपने सिर, छाती और जांघ को ऊपर की ओर उठाएं।
  • जितना संभव हो, उतना शरीर को ऊपर की ओर उठाएं।
  • इस दौरान आप अपने शरीर के भार को पेट के निचले हिस्से पर लेने की कोशिश करें।
  • जब आप पूरी तरह से अपने शरीर को उठा लें, तब पैरों के बीच फासले को कम करने की कोशिश करें।
  • इस आसन को करते समय आपकी सांसों का प्रवाह आराम से होना चाहिए।
  • कहने का मतलब यह कि आप धीरे-धीरे सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • लगभग 15-20 सेकेंड तक इसी स्थिति में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए पहले वाली स्थिति में वापिस लौट आएं।
  • इस आसन को आप अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार तीन से पांच बार कर सकती हैं।

लाभ

  • धनुरासन करने से पेट और इसके आस-पास के हिस्से में सबसे अधिक खिंचाव होता है। जिससे आपका पाचन तंत्र बेहतर बनता है।
  • यह आसन अपच, अजीर्ण और पेट के विकारों को दूर करता है। इसके साथ ही इसके नियमित अभ्यास से भूख संतुलित होती है।
  • इस आसन को नियमित करने से वजन घटाने और फैट कम करने में भी मदद मिलती है।
  • महिलाओं के मासिक धर्म से संबंधित रोग दूर होते हैं।
  • धनुरासन से सबसे अधिक खिंचाव रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है, जिससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
  • जिन महिलाओं को थाइरॉयड की समस्या है, उनके लिए भी यह आसन बेहद फायदेमंद है।
  • इससे थाइरॉयड की समस्या काफी हद तक ठीक हो जाती है।

रखें ध्यान

अगर आपकी कमर में दर्द है, तो इस आसन को करते समय ज्यादा जोर न लगाएं। अगर पेट में अल्सर, हार्निया, सिरदर्द, आंतों की समस्या, माइग्रेन, गर्दन पर चोट और हाई ब्लडप्रेशर की समस्या है, तो इस आसन को करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

(ये रिपोर्ट मोहन कार्की, योग गुरू से बातचीत के आधार पर बनाई गई है।)

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