Ghaziabad News: गाजियाबाद पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक वकील और एक मौलाना भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूछताछ में पता चला कि ये लोग प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। उनके पास से एक मोबाइल फोन और कई प्रतिबंधित वीडियो तथा लिंक बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी नियमित रूप से जैश-ए-मोहम्मद की ट्रेनिंग के वीडियो देखते थे और देश के खिलाफ साजिश रच रहे थे।
ग्रुप के लीडर नाम सावेज
पूछताछ के दौरान जुनैद, फरदीन, इकराम, फजरू और जावेद ने पुलिस को बताया कि उनका पूरा ग्रुप सावेज के नेतृत्व में काम कर रहा था। सावेज ही इस गिरोह का मुख्य सदस्य है। हैरानी की बात यह है कि सावेज सिर्फ 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। फिर भी वह पूरे ग्रुप को कंट्रोल कर रहा था। इस बात से पुलिस भी हैरान है कि इतनी कम पढ़ाईस करने वाला शख्स पूरी टीम को कैसे कंट्रोल कर रहा था। सावेज का पूरा प्लान देश विरोधी कामों को अंजाम देने का था।
मौलाना जावेद का छह साल का मस्जिद अनुभव
आरोपी जावेद ग्राम नाहल में करीब छह साल तक मस्जिद में मौलाना के रूप में काम किया है। बाद में उसने मदरसा भी चलाना शुरू कर दिया। वहीं इकराम अभी वकालत का पेशा कर रहा है। जुनैद एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। ये दोनों भी ग्रुप के सक्रिय सदस्य थे। पुलिस ने इन सबके पास से मिले वीडियो और लिंक की जांच शुरू कर दी है। ये लोग मस्जिद और मदरसे जैसे धार्मिक स्थानों का इस्तेमाल देश विरोधी विचार फैलाने के लिए कर रहे थे।
UAPA के तहत सख्त कार्रवाई
पुलिस अब इन छहों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। बरामद मोबाइल और वीडियो से और भी बड़े नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लिंक की वजह से पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे देश विरोधी तत्वों पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पूरी जांच पारदर्शी तरीके से की जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।










