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बॉयफ्रेंड की मां के प्रेग्नेंट होने से रील सान्या को नहीं है परहेज, नवाजुद्दीन संग करेंगी ''फोटोग्राफी''

सान्या मल्होत्रा ने करियर की पहली फिल्म ‘दंगल’ से ही साबित कर दिया था कि वह वर्सटाइल एक्ट्रेस हैं। फिल्म ‘दंगल’ के दो साल बाद उनकी दो फिल्में आस-पास रिलीज हुईं।

बॉयफ्रेंड की मां के प्रेग्नेंट होने से रील सान्या को नहीं है परहेज, नवाजुद्दीन संग करेंगी
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सान्या मल्होत्रा ने करियर की पहली फिल्म ‘दंगल’ से ही साबित कर दिया था कि वह वर्सटाइल एक्ट्रेस हैं। फिल्म ‘दंगल’ के दो साल बाद उनकी दो फिल्में आस-पास रिलीज हुईं।

विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘पटाखा’ में सान्या ने देसी किरदार निभाया है। वहीं फिल्म ‘बधाई हो’ में वह मेट्रो सिटी में रहने वाली एक सेंसिबल गर्ल बनी हैं, इस फिल्म में उनका कॉमिक एंगल भी दर्शकों को नजर आया। खुद सान्या मल्होत्रा भी इन दोनों फिल्मों की कहानी और अपने किरदारों से काफी खुश हैं।

फिल्म ‘दंगल’ के रिलीज होने के दो साल बाद आपकी अब लगातार दो फिल्में रिलीज हुई हैं। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी ‘पटाखा’ और अमित शर्मा की ‘बधाई हो’, इतना गैप आपने क्यों लिया?

हां, फिल्म ‘दंगल’ के दो साल बाद मेरी फिल्में रिलीज हुई हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि मैं फ्री थी। इस दौरान मैंने अच्छी स्क्रिप्ट्स पढ़ीं, अपने रोल्स के लिए तैयारी की। अभी-अभी ‘पटाखा’ रिलीज हुई और कल ही ‘बधाई हो’ रिलीज हुई है।

हालांकि रिलीज डेट्स तय करना मेरे हाथों में नहीं है, अगर मेरा बस चलता तो अपनी फिल्मों की रिलीज डेट्स में दो महीने का गैप देती। जहां तक ‘बधाई हो’ फिल्म का सवाल है तो मुझे यह कहानी पहली बार में ही पसंद आ गई थी। मैंने तो स्क्रिप्ट पढ़ते ही तुरंत हामी भर दी थी।

फिल्म ‘बधाई हो’ के अपने किरदार को आप कैसे डिफाइन करेंगी?

फिल्म में मेरा किरदार स्वीटी शर्मा का है, जो नकुल कौशिक (आयुष्मान खुराना) की गर्लफ्रेंड है। नकुल के सामने एक अजीब-सी सिचुएशन आती है, जब उसकी पचास साल की मां (नीना गुप्ता) प्रेग्नेंट हो जाती हैं। ऐसे में नकुल बहुत असहज महसूस करता है। लेकिन स्वीटी शर्मा को लगता है कि इसमें क्या गलत है। स्वीटी बहुत ही सेंसिबल लड़की है।

क्या आपको यह कहानी रिलेटेबल लगती है?

कहानी मुझे रिलेटेबल न लगे, लेकिन ऐसा होता है न। छोटे शहरों में, गांव-कस्बों में तो आज भी ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती हैं। हां, शहरों में न्यूक्लीयर फैमिलीज हैं तो ऐसी सिचुएशन नहीं देखने को मिलती है। मेट्रो सिटी में लोगों के लिए यह एक असहज स्थिति है।

फिल्म में आयुष्मान खुराना, नीना गुप्ता, गजराज, सुरेखा सीकरी जैसे कलाकारों के साथ फिल्म में काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा?

आयुष्मान की फिल्में ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘बरेली की बर्फी’, ‘दम लगा के हईशा’ जब मैंने देखीं तो उनकी एक्टिंग एबिलिटी का मुझे अहसास हुआ। मैंने सोचा जरूर था कि आयुष्मान के साथ कोई फिल्म मिल जाए।

लेकिन फिल्म ‘दंगल’ के बाद आयुष्मान के साथ तुरंत फिल्म मिलेगी, यह नहीं सोचा था। आयुष्मान बहुत ही टैलेंटेड हैं। नीना गुप्ता जी तो कमाल की एक्ट्रेस हैं, वह अपने किरदारों को बहुत ही खूबसूरती से निभाती हैं।

गजराज जी ने कई शॉर्ट फिल्में और फिल्म ‘तलवार’ में एक्टिंग से दर्शकों को चौंकाया था। सुरेखा सीकरी जी से जितना सीखो, उतना कम है। फिल्म ‘बधाई हो’ में इन सभी कलाकारों के साथ काम करके मुझे एक्टिंग की बारीकियां सीखने को मिलीं।

आगो की स्लाइड्स में पढ़े सान्या ने नवाजुद्दीन को लेकर क्या कहा........

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