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माहवारी के वो पांच दिन और राधिका आप्टे की ये दर्दभरी कहानी पढ़कर आंखें हो जाएंगी नम

मेरे मम्मी-पापा डॉक्टर हैं, इसलिए मुझे बहुत ही प्रोग्रेसिव माहौल मिला था। मेरी मां ने बहुत पहले ही मुझे पीरियड्स के बारे में जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद पहली बार मुझे पीरियड्स शुरू हुए, तो मैं बहुत रोई थी। इतना ही नहीं मुझे भी सैनेटरी नैपकिन पैड खरीदने में शर्म आती थी। लेकिन एक दिन मैंने अपनी इस शर्म को मिटाते हुए दुकानदार से तेज आवाज में सैनेटरी नैपकिन पैड की मांग की थी।

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