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''इश्क सुभान अल्लाह'' के सेट से ईशा सिंह ने पूछा, निकाह के वक्त लड़की की रजामंदी तो तलाक के समय क्यों नहीं?

तीन तलाक के मुद्दे पर आधारित टीवी सीरियल ''इश्क सुभान अल्लाह'' बुधवार से प्रसारित होने लगा है। इस शो में अदनान अब्बास खान और ईशा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं।

तीन तलाक के मुद्दे पर आधारित टीवी सीरियल 'इश्क सुभान अल्लाह' बुधवार से प्रसारित होने लगा है। इस शो में अदनान अब्बास खान और ईशा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। सीरियल में तीन तलाक को कहानी बनाकर मनोरंजन में पिरोया गया है।

ईशा सिंह इससे पहले सीरियल 'इश्क का रंग सफेद' में नजर आई थीं। इस सीरियल में उन्होंने एक विधवा का रोल निभाया था। मुख्य कलाकारों के अलावा अन्य कलाकारों ने भी अपने किरदार को बखूबी निभाया है।

ईशा बनी हैं जारा

मध्य प्रदेश के भोपाल में रहने वाली 19 साल की ईशा सिंह शो में 'जारा सिद्दीकी' नाम की लड़की का किरदार निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि शो के लिए उन्होंने उर्दू सीखी। उन्होंने कहा, 'कुछ ऐसे शब्द हैं जिनका उच्चारण करने से पहले मुझे 30-40 बार रिपीट करना पड़ता था।'

ईशा सिंह ने बताया कि वह भोपाल से हैं इसलिए उन्हें इस्लाम से जुड़े रीति-रिवाज और संस्कृति को करीब से देखने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि उन्होंने वहां रहते वक्त ही नमाज अदा करना सीख लिया था।

तलाक में लड़की की रजामंदी क्यों नहीं

तीन तलाक के मुद्दे पर जब शो की लीड एक्ट्रेस की राय पूछी गई तो उन्होंने कहा, 'जब निकाह के वक्त लड़की से उसकी रजामंदी मांगी जाती है, तो फिर तलाक के वक्त क्यों नहीं? वे (पुरुष) महिलाओं से नहीं पूछते। यह गलत है। इस मामले में दोनों को बराबर हक मिलना चाहिए।'

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