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अभिनय और डांस की कला में माहिर गुरु दत्त अपनी रीयल लाइफ में क्यों सफल न हो पाए, जानें उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्से

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता और अभिनेता गुरु दत्त का आज 93वां जन्मदिन है। उनका जन्म 9 जुलाई 1925 को बैंगलुरू में हुआ था।

अभिनय और डांस की कला में माहिर गुरु दत्त अपनी रीयल लाइफ में क्यों सफल न हो पाए, जानें उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्से

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता और अभिनेता गुरु दत्त का आज 93वां जन्मदिन है। उनका जन्म 9 जुलाई 1925 को बैंगलुरू में हुआ था।

अपने करियर में उन्होंने बॉलीवुड को कई हिट फिल्में दी हैं। जैसे प्यासा, साहब बीवी और गुलाम, सुहागन, चौदहवीं का चांद आदि कई फिल्में बनाई हैं।

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दरअसल, गुरु दत्त का असली नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। कहा जाता है कि गुरु दत्त का परिवार बेहद ही गरीब था। वे आगे पढ़ाई करना चाहते थे लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह आगे नहीं पढ़ पाए।

गुरु दत्त की आगे की पढ़ाई तो पूरी न हो पाई लेकिन उन्होंने अपनी रुचि कला के क्षेत्र में लगा ली और यही रूचि उनकी पहचान बन गई।

गुरु दत्त को डांस का भी शौख था। उन्होंने एक स्कूल से डांस की शिक्षा भी हासिल की थी। जिसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में डांस किया। गुरु दत्त की प्रभात स्टूडियो की फिल्म में डांस किया है।

गुरु दत्त ने अपनी पहली फिल्म प्यासा बनाई। इसके बाद उन्होंने कई फिल्में बनाई जैसे देवानंद की बाजी आदि। इसके बाद उनकी सफलता का परवान आगे बढ़ता गया।

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कहा जाता है कि गुरु दत्त अभिनेत्री गीता दत्त के करीब आए और साल 1953 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। दोनों के तीन बच्चे हैं।

लेकिन दोनों के बीच रिश्ते में खट्टास आने लगी। कहा जाता है कि गुरु दत्त वहीदा रहमान से प्यार करने लगे थे। लेकिन गुरु दत्त पहले से शादी-शुदा थे।

जब गीता को गुरु के अफेयर के बारे में पता चला तो गीता ने गुरु का साथ छोड़ दिया और वहीदा ने भी तभी गुरु से अपने रिश्ते तोड़ दिए। जिसके कारण वह सदमे मे चले गए।

गुरु दत्त ने 10 अक्टूबर 1964 को अपनी आखिरी सांस ली और हिंदी सिनेमा से एक अनमोल सितारे को हमने खो दिया। लेकिन उनकी फिल्मों को देख आज उनकी याद हमारे जेहन में ताजा हो जाती है।

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