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ऐश्वर्या ने ऐसा क्यों कहा, ''मेरी फिल्में देखने का पेशेंस आराध्या में नहीं है'', जानें इसके पीछे की वजह

ऐश्वर्या राय बच्चन, बेटी आराध्या के जन्म के बाद से फिल्मों में कम एक्टिव रहती हैं, सेलेक्टिव फिल्में ही करती हैं। उनका फोकस बेटी की परवरिश पर है। इसके साथ ही वह चैरिटी वर्क में भी बिजी रहती हैं।

ऐश्वर्या ने ऐसा क्यों कहा,

ऐश्वर्या राय बच्चन, बेटी आराध्या के जन्म के बाद से फिल्मों में कम एक्टिव रहती हैं, सेलेक्टिव फिल्में ही करती हैं। उनका फोकस बेटी की परवरिश पर है। इसके साथ ही वह चैरिटी वर्क में भी बिजी रहती हैं।

हाल ही में अपने पिता कृष्णराव राय के जन्मदिन (20 नवंबर) पर उन्होंने जिन बच्चों को क्लेफ्ट (बचपन से कटे हुए होंठ की समस्या) प्रॉब्लम है, उनके इलाज की जिम्मेदारी ली है।

क्लेफ्ट प्रॉब्लम से जुड़े इवेंट में ऐश्वर्या राय बच्चन से मुलाकात हुई। जहां उन्होंने बच्चों से जुड़ी इस मुहिम और अपने करियर से रिलेटेड बातचीत की। पेश है, ऐश्वर्या राय बच्चन से हुई बातचीत के चुनिंदा अंश-

ऐश्वर्या राय फाउंडेशन और स्माइली ट्रेन इंडिया मिलकर क्लेफ्ट प्रॉब्लम को लेकर अवेयरनेस फैला रही हैं, इसके बारे में डिटेल में बताएं?

हां, मैंने अपने पिता जी के जन्मदिन पर स्माइली ट्रेन इंडिया नाम की संस्था के साथ मिलकर एक मुहिम शुरू की है। जिन बच्चों को क्लेफ्ट की प्रॉब्लम है, उनका मुफ्त इलाज होगा। स्माइली ट्रेन दुनिया की सबसे बड़ी क्लेफ्ट चैरिटी फाउंडेशन है।

मैं इस संस्था की 2009 से ग्लोबल गुडविल एंबेसडर हूं, तब से इस संस्था से जुड़ी हूं। सन 2017 में मेरे पापा कृष्णराव राय का देहांत हुआ। अब उनके जन्मदिन पर ऐश्वर्या राय फाउंडेशन ने स्माइली ट्रेन इंडिया के साथ मिलकर क्लेफ्ट प्रॉब्लम को फेस कर रहे बच्चों की मदद करने की ठानी है।

अब करियर से जुड़ी बातें करते हैं। आपने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में अपनी पहचान बनाई। साथ ही परिवार की जिम्मेदारियां भी निभाई। सब कुछ करना कैसे मुमकिन हुआ?

मैंने जो कुछ भी किया, बहुत सोच-समझकर, प्लानिंग के साथ किया। मैं बॉलीवुड हो या हॉलीवुड, तभी फिल्में साइन करती हूं, जब अपना हंड्रेड पर्सेंट दे पाती हूं। लेकिन बेटी आराध्या के जन्म के बाद मैंने हॉलीवुड की फिल्में नहीं की।

इसका कारण ता कि मैं घर से ज्यादा दिन दूर नहीं रह सकती हूं। आराध्या मेरी जान है, मेरी जिंदगी है। मैं उसको कभी अपने आपसे अलग नहीं करती हूं। जितना संभव होता है, उसको अपने साथ रखती हूं।

आप बॉलीवुड में भी सेलेक्टिव फिल्में कर रही हैं। साल में एक ही फिल्म करती हैं। ‘ऐ दिल है मुश्किल’ और ‘फन्ने खां’ जैसी फिल्में आपने कीं। इस तरह की फिल्मों का सेलेक्शन क्राइटेरिया क्या रहा?

फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ का किरदार मेरी उम्र और मेरी पर्सनालिटी से मैच करता हुआ था। वहीं ‘फन्ने खां’ का किरदार एक पॉपुलर सिंगर का था, जो करना मुश्किल नहीं था। फिर ‘फन्ने खां’ में हल्की-फुल्की कॉमेडी करने को भी मिली।

इस फिल्म में एक्टिंग करके मुझे अच्छा लगा। जहां तक फिल्म के हिट या फ्लॉप होने का सवाल है तो यह दर्शकों पर डिपेंड करता है। मैं तो अपनी तरफ से अच्छा काम करने की कोशिश करती हूं।

अपने करियर की कौन सी फिल्में आपको सबसे ज्यादा पसंद हैं?

यह बताना तो बहुत मुश्किल है। मुझे अपनी हर फिल्म अच्छी लगती है, क्योंकि मैंने अपनी हर फिल्म में दिल से काम किया है। यह अलग बात है कि मेरी कुछ फिल्में दर्शकों की फेवरेट हैं, तो वे मुझे भी ज्यादा पसंद हैं।

बॉलीवुड में इस समय आपको सबसे टैलेंटेड एक्ट्रेस कौन लगती है?

मेरे ख्याल से आलिया भट्ट अच्छी एक्ट्रेस है। उसको अच्छा ब्रेक मिला, करण जौहर का सपोर्ट मिला। इसके अलावा उसने जो भी फिल्में सेलेक्ट कीं, वे बेहतरीन थीं। साथ ही आलिया हर किरदार में पूरी तरह इंवॉल्व होना जानती है। यही वजह है कि वह हर किरदार बखूबी निभा लेती है।

ऐश्वर्या की बेटी आराध्या बड़ी हो रही है। क्या वह उनके स्टारडम को अब समझने लगी है?

‘जब वह छोटी थी तब मैं उसको पब्लिक प्लेस पर नहीं लेकर जाती थी। अब आराध्या बड़ी हो गई है, समझदार हो गई है, उसे पता है कि उसके फैमिली मेंबर्स फेमस हैं, ऐसे में भीड़ को देखकर ज्यादा रिएक्ट नहीं करती। वह मेरी पॉपुलैरिटी देखकर खुश होती है। अब वह भी सबसे प्यार से पेश आती है।’

ऐश्वर्या आगे बताती हैं, ‘आराध्या मेरी फिल्मों के पोस्टर देखकर खुश होती है। वह समझती है कि मैं एक्ट्रेस हूं। लेकिन मेरी फिल्में देखने का पेशेंस उसमें नहीं है। वह अभी सात साल की ही तो है।’

ऐश्वर्या राय बच्चन खूबसूरती की मिसाल हैं। सुना है कि उनको डाइटिंग में यकीन नहीं है। ऐसे में अपनी फिटनेस को बरकरार रखने के लिए क्या करती हैं?

‘हां, मुझसे डाइटिंग नहीं होती है। एक्सरसाइज भी ज्यादा नहीं करती हूं। इसके बावजूद मेरा वेट नहीं बढ़ता है, क्योंकि मैं बहुत एक्टिव रहती हूं। मैं आलसी इंसान नहीं हूं। साथ ही मेरा डाइजेशन भी बहुत अच्छा, फास्ट है।’

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