Alina Amir New Viral Video: अलीना आमिर, आरोही मिम... इनके फर्जी वीडियो के लिंक कौन फैला रहा, नाम देख चौंक जाएंगे आप
पाकिस्तानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अलीना आमिर ने अपने कथित 4 मिनट 40 सेकेंड के कथित वायरल वीडियो को एआई जनरेटेड बताया है। अलीना आमिर अकेली नहीं हैं, जिनका फर्जी वीडियो वायरल हुआ है। जानिये इसके पीछे कौन है?
आरोही मिम और अलीना आमिर की फोटो। साभार सोशल मीडिया
Alina Amir New Viral Video: पाकिस्तानी टिकटॉकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अलीना आमिर ने अपने कथित 4 मिनट 40 सेकेंड के वायरल वीडियो को डीपफेक करार देते हुए पंजाब की सीएम मरियम नवाज से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया है। ऐसे में इस वीडियो को फैलाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बता दें कि अलीना आमिर अकेली इन्फ्लुएंसर नहीं हैं, जिन्हें डीपफेक जनरेटेड वीडियो की सच्चाई सामने आने के बावजूद स्पष्टीकरण देना पड़ा है। बांग्लादेशी एक्ट्रेस Arohi Mim का 3 Minute 24 Second का फर्जी वीडियो हो या फिर भारतीय इन्फ्लुएंसर Sweet jannat का फर्जी वीडियो, सभी को सामने आकर लोगों को बताना पड़ा कि उनका वीडियो डीपफेज जनरेटेड है। अब सवाल उठता है कि डीपफेक जनरेटेड वीडियो कौन बना रहा है। तो चलिये बताते हैं कि इसके पीछे कौन है?
सट्टा किंग बनवा रहा डीपफेक जनरेटेड वीडियो?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण एशिया में सट्टेबाजी ऐप्स पर ट्रैफिक बढ़ाने के लिए डीपफेज का उपयोग किया जाता है। पहले किसी डीपफेज जनरेटेड वीडियो को अपलोड किया जाता है, इसके बाद लिंक देने की आड़ में पीड़ित के टेलीग्राम, X और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया के विभिन्न अकाउंट पर पोस्ट करते हैं। जब यूजर लिंक पर क्लिक करता है, तो वह वीडियो पर जाने की बजाए सट्टेबाजी ऐप डाउनलोड करने या मैलवेयर संक्रमित वीडियो प्लेयर डाउनलोड करने के लिए निर्देशित करता है। कुछ लोग ऐसे देखते ही वापसी कर लेते हैं, लेकिन जो कंटीन्यू करते हैं, तो निश्चित ही ठगी का शिकार हो जाते हैं।
भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश निशाने पर
साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में मोबाइल डेटा की खपत सबसे ज्यादा है। वहीं, इन तीनों देशों के लोगों में किसी सेलिब्रिटी की व्यक्तिगत जीवन में तांकझांक की भी आदत होती है। जालसाजों को पता है कि लीक वीडियो भले ही डीपफेक जनरेटेड हो, लेकिन सच्चाई जानने की बजाए लोग उसका मजा लेना चाहते हैं। इसकी वजह से वह खुद को आर्थिक जोखिम में डालने वाली राह पर भी कदम बढ़ा देते हैं। चूंकि ज्यादातर पीड़ित महिलाएं हैं, लिहाजा उन्हें इस स्थिति का भी सामना करने के लिए भी साहस जुटाने में समय लगता है, जिसका फायदा उठाकर जालसाज ठगी कर लेते हैं। ऐसा ही अलीना आमिर के मामले में हुआ है। उन्होंने भी अपने कथित वायरल वीडियो के करीब एक सप्ताह बाद चुप्पी तोड़ी है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी डीपफेज जनरेटेड वीडियो हो या रियल वीडियो, लेकिन लिंक भेजने का दावा करने वाले ज्यादातर स्कैमर होते हैं। ऐसे में लोगों को बेहद सावधानी रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, जिनके साथ ऐसा अपराध हुआ, उन्हें भी तुरंत सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करना चाहिए।