Delhi Fraud: एक फाइल खोली और...रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर ने गंवा दिए 90000 रुपये, 3 गिरफ्तार

Delhi Fraud Case: दिल्ली पुलिस ने रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर से ठगी के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Updated On 2026-01-28 17:40:00 IST

दिल्ली में रिटायर्ड आर्मी कर्मचारी से 90,000 की धोखाधड़ी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Delhi Fraud Case: दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर से धोखाधड़ी के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसे लेकर आज जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी खुद को एक गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों ने आर्मी ऑफिसर से करीब 90,000 से अधिक की धोखाधड़ी की थी। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में लगी हुई है।

जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 साल के विक्की मंडल उर्फ ​​विक्की, 26 वर्षीय सुमित कुमार सिंह और 22 साल के राजीव कुमार मंडल के तौर पर हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को को जरूरी सेवाओं (जैसे बिजली या गैस) का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे, लोगों को अपनी बातों बहलाकर उन्हें फर्जी एप्लिकेशन इंस्टॉल करने मना लेते थे। एप्लिकेशन इंस्टॉल करते ही आरोपियों को पीड़ितों के बैंक की प्राइवेट जानकारी के बारे में पता लग जाती थी और वे अवैध तरीके से बैंक से पैसे निकाल लेते थे।

ऑफिसर को कैसे फंसाया ?

पुलिस का कहना है कि रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर को भी ठगों ने अपनी बातों फंसाकर उनके मोबाइल फोन पर एक खतरनाक 'APK फाइल' इंस्टॉल करवा दी थी। इस फाइल के माध्यम से आरोपियों ने पीड़ित के बैंकिंग विवरणों (जैसे बैंक खाते की जानकारी) तक पहुंच बना ली थी। क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

DCP आदित्य गौतम का कहना है कि धोखाधड़ी की इस वारदात को मोबाइल और सिम कार्ड के माध्यम से अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। वहीं 7 मोबाइल डिवाइस की डिजिटल जांच से पीड़ितों के विवरण और कई ऐसी फर्जी APK फाइलें मिली हैं, जो नामी संस्थानों के नाम पर बनाई गई थीं। जांच के दौरान टीम ने गिरफ्तार आरोपियों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 35 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से कनेक्ट किया है, जिससे पता लगता है कि यह आरोपी आदतन संगठित अपराधों में शामिल रहे हैं।

आरोपियों के खिलाफ दूसरे राज्य में भी दर्ज है केस

पुलिस का कहना है कि पश्चिम बंगाल के रहने वाले विक्की मंडल पर पहले से कई मोबाइल नंबरों के माध्यम से 'APK फाइलें' फैलाने का आरोप है। साल 2024 में भी विक्की साइबर अपराध में शामिल रहा है। सुमित और राजीव के पास भी कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। सुमित कुमार सिंह के खिलाफ झारखंड में पहले से ही केस दर्ज है। पुलिस ने तीनों को आसनसोल से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस मामले में आरोपियों द्वारा किए गए दूसरे क्राइम की भी जांच कर रही है

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