नई दिल्ली : पाकिस्तान की वायुसेना द्वारा अफगानिस्तान के भीतर की गई एयरस्ट्राइक ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। तालिबान सरकार का दावा है कि पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने काबुल में 'ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल' को निशाना बनाया, जिसमें 400 से ज्यादा बेगुनाह मारे गए।
वहीं, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर की सेना का कहना है कि उन्होंने अस्पताल पर नहीं, बल्कि आतंकियों के ठिकाने 'कैंप फीनिक्स' पर सटीक हमला किया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान की सेना से वाकई चूक हुई है या यह किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है?
BREAKING: Afghanistan 🇦🇫 Reports claim massive destruction in Kabul following an alleged airstrike on a large drug treatment hospital, with hundreds feared dead and injured.#Afghanistan #Kabul pic.twitter.com/F1FGMAxfY5
— Global Affairs 24 (@GlobalAffair24) March 17, 2026
कैंप फीनिक्स बनाम ओमिद अस्पताल: आखिर कहाँ हुई चूक?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के दावों में जमीन-आसमान का अंतर है।
पाकिस्तान का दावा: 'कैंप फीनिक्स' जो कभी अमेरिकी सेना का बेस था, अब आतंकियों का ट्रेनिंग सेंटर और गोला-बारूद का गोदाम बन चुका है। पाकिस्तान ने इसी 'आतंकी फैक्ट्री' को तबाह करने का दावा किया है।
अफगानिस्तान का दावा: कैंप फीनिक्स और ओमिद अस्पताल के बीच कई किलोमीटर की दूरी है। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तानी जेट्स ने सीधे 2000 बेड वाला ड्रग रिहैब सेंटर पर बमबारी की, जहां केवल मरीज भर्ती थे। सैटेलाइट इमेज और मैप्स भी दोनों जगहों के बीच स्पष्ट अंतर दिखा रहे हैं, जिससे मुनीर की सेना के 'सटीक निशाने' पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Press Release – ALM
— The Afghanistan Liberation Movement #ALM (@ALM_AFG) March 17, 2026
Date: 17 March 2026
ALM Condemns Pakistan’s Airstrike on 16 March 2026
ALM strongly condemns the air attack carried out on 16 March 2026 at approximately 9:00 PM, which targeted the area known as Phoenix Camp in Kabul.
Phoenix Camp has been publicly… pic.twitter.com/xxv057zS1K
JF-17 थंडर और लेजर गाइडेड बम: क्या जानबूझकर किया गया हमला?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे ऑपरेशन्स में पाकिस्तान एयरफोर्स अपने आधुनिक JF-17 थंडर फाइटर जेट्स का इस्तेमाल करती है। इन जेट्स पर H-4 स्टैंड-ऑफ ग्लाइड बम और प्रेसिजन गाइडेड म्यूनिशन लगे होते हैं, जिनकी रेंज 50 से 100 किलोमीटर तक होती है।
ये हथियार लेजर और जीपीएस के जरिए रात के अंधेरे में भी सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं। ऐसे में यह मानना मुश्किल है कि इतने उन्नत हथियारों से लैस सेना अपना टारगेट कई किलोमीटर चूक जाए। क्या पाकिस्तान ने जानबूझकर 'सॉफ्ट टारगेट' को निशाना बनाया?
धमाकों का वीडियो और 'ऑपरेशन गजब लिल-हक'
पाकिस्तान ने इस स्ट्राइक को अपने 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद टीटीपी (TTP) आतंकियों का सफाया करना है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में हमले के बाद बार-बार धमाके होते दिख रहे हैं, जिसे पाकिस्तान गोला-बारूद फटने का सबूत बता रहा है।
पाकिस्तान का कहना है कि धमाके आतंकियों के हथियारों के गोदाम में हुए हैं, जबकि तालिबान इसे फेक प्रोपेगेंडा बताकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेर रहा है।
तालिबान की 'जैसे को तैसा' वाली चेतावनी
इस हमले के बाद अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। पिछले एक महीने से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान टीटीपी आतंकियों को पनाह दे रहा है, जो पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं।
फरवरी के अंत से ही पाकिस्तान ने नंगरहार, पक्तिया और खोस्त जैसे पूर्वी इलाकों में हवाई हमले तेज कर दिए हैं, लेकिन काबुल में हुआ यह हमला अब एक पूर्ण युद्ध (All-out War) की ओर इशारा कर रहा है।









