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महाशिवरात्रि पर सुबह 9 बजे तक 4 लाख भक्तों ने दर्शन किए। 44 घंटे तक मंदिर के पट लगातार खुले रहेंगे ताकि लाखों श्रद्धालु दर्शन कर सकें।

वाराणसी : महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर महादेव की नगरी काशी पूरी तरह शिवमय हो गई है। भोर में मंगला आरती के बाद जैसे ही बाबा विश्वनाथ के दरबार के पट खुले, भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। काशी विश्वनाथ धाम के इतिहास में आज फिर एक नया कीर्तिमान स्थापित होता दिख रहा है।

प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह 9 बजे तक ही करीब चार लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार में शीश नवा चुके हैं। मंदिर परिसर से लेकर गंगा घाटों तक केवल 'हर-हर महादेव' और 'ओम नमः शिवाय' की गूंज सुनाई दे रही है।

​मंगला आरती के साथ शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला

​महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ मंदिर के कपाट रविवार तड़के विशेष मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। श्रद्धालुओं का उत्साह ऐसा था कि शनिवार रात से ही लोग कतारों में लग गए थे। गोदौलिया, मैदागिन और दशाश्वमेध घाट की ओर जाने वाली सड़कों पर कई किलोमीटर लंबी लाइनें देखी गईं।

मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष 'जिग-जैग' बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है, जिससे इतनी बड़ी संख्या के बावजूद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक दर्शन कर पा रहे हैं।

​भक्तों पर पुष्पवर्षा और भव्य स्वागत

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'काशी विश्वनाथ धाम' के बनने के बाद यह महाशिवरात्रि बेहद खास है। मंदिर न्यास द्वारा श्रद्धालुओं का स्वागत पुष्पवर्षा के साथ किया गया, जिससे भक्तों का उत्साह दोगुना हो गया।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेड कार्पेट बिछाए गए हैं और जगह-जगह पेयजल, ओआरएस घोल और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था की गई है। मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा के अनुसार, इस वर्ष कुल 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिसे देखते हुए 44 घंटे तक अनवरत दर्शन की व्यवस्था की गई है।

​44 घंटे तक खुले रहेंगे बाबा के कपाट

​भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने घोषणा की है कि बाबा विश्वनाथ के कपाट रविवार सुबह से लेकर सोमवार रात 11 बजे तक लगातार 44 घंटों के लिए खुले रहेंगे। इस दौरान 'स्पर्श दर्शन' पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा ताकि अधिक से अधिक भक्त कम समय में 'झांकी दर्शन' कर सकें।

सुरक्षा के लिहाज से पूरे वाराणसी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और एटीएस की टीमें तैनात हैं। गंगा में भी जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मुस्तैद हैं ताकि स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

​शाम को निकलेगी भव्य 'शिव बारात'

​महाशिवरात्रि की शाम काशी की गलियों में निकलने वाली पारंपरिक 'शिव बारात' आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। बाबा विश्वनाथ आज दूल्हे के रूप में सजेंगे और उनके विवाह का उत्सव पूरी रात मनाया जाएगा। इसके लिए मंदिर को विदेशों से मंगाए गए विशेष फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। रात्रि में बाबा के चारों प्रहर की विशेष पूजा होगी, जिसमें शामिल होने के लिए देश-दुनिया से शिवभक्त काशी पहुँच चुके हैं।

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