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Hindon River Clean Project: हिंडन नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए परियोजना को तैयार कर लिया है। वहीं परियोजना की DPR को तैयार करके मुख्यालय भी भेज दिया गया है।

Hindon River Clean Project: हिंडन नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना को लेकर जल निगम की ओर से DPR तैयार करके मुख्यालय भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि इस परियोजना पर करीब 630 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

परियोजना पर हरी झंडी मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा, इस पर सहमति मिलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। मौजूदा वक्त में  औद्योगिक इकाइयों और घरों से निकलने वाला गंदा पानी काफी सालों से हिंडन नदी में मिल रहा है, जिसकी वजह से नदी प्रदूषित हो रही है। 

9 नालों को चिह्नित किया

NGT के आदेश पर शासन ने नमामि गंगे मिशन के तहत हिंडन को साफ करने के लिए जल निगम को प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया था। जल निगम ने नगर निगम क्षेत्र के 9 नालों को भी चिह्नित कर लिया, जिनकी वजह से जहरीला पानी हिंडन में मिल रहा है। जल निगम ने इस परियोजना की DPR को भी तैयार कर लिया है।  

परियोजना के तहत उन सभी नालों पर टैप लगाया जाएगा, जिनसे हिंडन नदी में गंदा पानी गिरता है। पाइपलाइन से गंदा पानी STP पर लाया जाएगा और शोधित करने के बाद पानी को हिंडन में छोड़ा जाएगा। DPR जल निगम ने लखनऊ स्थित मुख्यालय को भेजा है, इस महीने तक परियोजना को हरी झंडी मिलने की संभावना है। 

DPR में 7 नालों की टैपिंग शामिल है, क्योंकि  करेहड़ा के पास हिंडन में गिर रहे 2 नालों को 331 करोड़ रुपये की सीवर योजना के तहत टैप कर लिया जाएगा। 140 MLD का STP बनाने के लिए  बायोडायवर्सिटी पार्क के पास 40 हजार वर्गमीटर जमीन को चिह्नित कर लिया है। निगम से मिली जमीन का निगम ने वेरिफिकेशन भी कर लिया है। वहीं जमीन को लेकर किसी तरह का कोई विवाद भी सामने नहीं आया है, ऐसे में योजना का काम केंद्र से मंजूरी के बाद शुरू कर दिया जाएगा।  

जमीन का सत्यापन किया

नगर निगम से मिली जमीन का जल निगम ने सत्यापन भी कर लिया है। जमीन को लेकर कोई विवाद भी नहीं है। ऐसे में योजना का कार्य केंद्र से स्वीकृति मिलते ही शुरू कर दिया जाएगा। जल निगम के अधिशासी अभियंता अरुण प्रताप सिंह का कहना है कि DPR को मुख्यालय भेज दिया गया है, मंजूरी के बाद इसे केंद्र को भेजा जाएगा। DPR में  जल निगम ने 15 साल के लिए रखरखाव का भी प्रावधान किया है।

जल निगम और नगर निगम दोनों के पास कर्मचारियों की संख्या कम है, इसलिए रखरखाव का प्रावधान किया गया है, ताकि ज्यादा लागत के बाद परियोजना के संचालन में किसी तरह की  रुकावट नहीं आया। DPR में  397 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर 233 करोड़ रुपये 15 साल के रखरखाव खर्च हो जाएंगे।  

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