केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होने जा रही है। बच्चे एक तरफ जहां इस परीक्षा में पास होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूलों पर बड़ा आरोप लग रहा है। आम आदमी पार्टी, दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का कहना है कि प्राइवेट स्कूल मनमानी फीस वसूलने के लिए स्टूडेंट्स को रोल नंबर जारी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उन्होंने लोगों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो शेयर कर साकेत के एक प्राइवेट स्कूल पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि परसों सीबीएसई की परीक्षा है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के रोल नंबर रोक दिए हैं। बढ़ी फीस देने के लिए पैरेंट्स को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से कल साकेत स्थित इस स्कूल में पहुंचने की अपील की है। कहा कि भाजपा सरकार और प्राइवेट स्कूलों की गुंडागर्दी को नहीं चलने देंगे।
कल CBSE का Roll number लेकर आयेंगे
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) February 15, 2026
16.2.2026
1:00 बजे दोपहर
Apeejay School, Saket
भाजपा सरकार और प्राइवेट स्कूल की गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे
परसों CBSE की परीक्षा है और Apeejay School (Saket) ने बच्चों के Roll number रोक दिए हैं और बढ़ी हुई फीस देने के लिए पैरेंट्स को… pic.twitter.com/W2V5bX3zME
बता दें कि दिल्ली सरकार ने फरवरी माह में स्पष्ट किया था कि प्राइवेट स्कूलों की फीस नियंत्रित करने वाला नया रेगुलेशन कानून अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के सुझावों और कानूनी बारीकियों के चलते लिया गया है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि मौजूदा सत्र 2025-26 में स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। स्कूल वही फीस ले सकेंगे, जो 1 अप्रैल 2025 को लागू थी। यही किसी स्कूल ने फीस बढ़ाई तो एक्शन लिया जाएगा। कानूनी फैसलों के आधार पर बढ़ी राशि अभिभावकों को लौटानी पड़ सकती है। इसके अलावा बच्चा उसकी स्कूल में पढ़ता है, तो फीस को एडजस्ट किया जा सकता है।
सौरभ भारद्वाज ने कसा था तंज
सौरभ भारद्वाज ने निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने वाले नए रेगुलेशन कानून के एक साल तक टल जाने पर तंज कसा था। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने स्कूल फीस को लेकर भी मध्यम वर्ग के साथ धोखाधड़ी की है। अगर भाजपा ने हमारी चिंताओं पर ध्यान दिया जाता तो प्राइवेट स्कूलों की मनमानी नहीं चलती। उन्होंने कहा कि जब यह कानून पेश किया गया, तब हमने पहले ही कहा था कि यह बहुत कमजोर कानून है। इससे न तो फीस की वापसी सुनिश्चित होगी और न ही फीस में कोई कमी आएगी। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आम आदमी पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी।










