अमरोहा : उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में महाशिवरात्रि से पूर्व एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ कांवड़ियों के एक जत्थे पर दूसरे समुदाय के युवकों द्वारा पथराव किया गया। इस हिंसक घटना में बीच-बचाव करने पहुंचे एक पुलिस कांस्टेबल का सिर फट गया, जबकि चार कांवड़िए भी घायल हुए हैं।
घटना के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया, जिसके विरोध में हिंदू समुदाय और भाजपा नेताओं ने रात भर कोतवाली का घेराव कर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जन्मदिन की पार्टी और आपत्तिजनक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
घटना शनिवार रात करीब 10 बजे की है, जब अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छेवड़ा बाईपास स्थित शिव मंदिर के पास हरिद्वार से लौटे कांवड़ियों का जत्था रुका हुआ था।
कांवड़िए डीजे की धुन पर नाच-गा रहे थे, तभी मंदिर से महज 50 मीटर की दूरी पर दूसरे समुदाय के करीब 7 युवक रास्ते में खड़े होकर जन्मदिन का केक काट रहे थे। आरोप है कि इन युवकों ने कांवड़ियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया।
भीड़ बुलाकर मंदिर और शिव भक्तों पर किया पथराव
देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दूसरे समुदाय के युवकों ने बड़ी संख्या में अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और मंदिर परिसर में मौजूद शिव भक्तों पर पथराव शुरू कर दिया।
इस दौरान पुलिस के सामने ही मारपीट और पथराव होता रहा। हमले में कांस्टेबल शोएब रजा खान के सिर में पत्थर लगने से वह लहूलुहान हो गए, जबकि चंद्रशेखर, विद्या देवी और शिखर समेत चार कांवड़िए भी घायल हुए हैं। कांवड़ियों का आरोप है कि इस हमले में उनकी कांवड़ भी खंडित हो गई।
पुलिस की कार्रवाई: 29 पर मुकदमा और 3 की गिरफ्तारी
घटना के बाद बड़ी संख्या में शिव भक्त और भाजपा नेता कोतवाली पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर इंस्पेक्टर का घेराव किया।
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि अभिषेक सैनी की तहरीर पर इमरान, मुकीम, यूनुस अली, मोहम्मद जाहिद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों—इमरान, शानू और अदनान—को गिरफ्तार कर लिया है।
सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए भारी फोर्स तैनात
रविवार को भी क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी रही। हालात को संभालने के लिए प्रभावित इलाके और कोतवाली पर दूसरे थानों की फोर्स को भी तैनात किया गया है। हिंदू संगठनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस प्रशासन का दावा है कि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और माहौल को शांत बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।











