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मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में एक अनोखी शादी चर्चा में है, जहां डॉक्टर दूल्हा और ग्रेजुएट दुल्हन ने आधुनिक दिखावे से दूर पारंपरिक तरीके से विवाह किया।

मध्यप्रदेश। विदिशा के सिरोंज में हुई एक शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां डॉक्टर दूल्हा और ग्रेजुएट दुल्हन ने दिखावे की आधुनिकता को छोड़कर पारंपरिक तरीके से विवाह की सारी रस्में निभाई। विदाई ऐसे हुई कि, हर कोई देखता रह गया। शादी के बाद दुल्हन को ले जाने के लिए यहां कोई फूलों से सजी लग्जरी कार नहीं थी बल्कि बैलगाड़ी की व्यवस्था की गई थी।

विदाई के वीडियो आए सामने
विदाई का क्षण हर दुल्हन के लिए काफी अहम होता है। ऐसे में परंपरागत तरीकों को दोहराते हुए एक बैलगाड़ी को बहुत अच्छे से सजाया गया था। शादी के बाद दुल्हन को इसमें बैठाया गया। इस पूरे पल को कैमरों ने कैप्चर किया। इस विदाई के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं जो काफी शेयर किए जा रहे हैं।

किसानों ने की मदद
विवाह समारोह में शामिल दूल्हा - दुल्हन के परिजनों का कहना है कि, बैलगाड़ी से विदाई का कार्यक्रम पहले ही तय किया गया था। हालांकि, यह इतना भी आसान नहीं था क्योंकि अब बैलगाड़ी प्रचलन में नहीं है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के किसानों ने काफी सहयोग किया। किसी ने बैलगाड़ी उपलब्ध करवाई तो किसी ने बैलों की व्यवस्था की। 

पुरानी परंपरा दिलाई याद
दुल्हन की विदाई में 10 बैलगाड़िया लगाई गई थी। एक - एक बैलगाड़ी को काफी मेहनत से सजाया गया था। ऐसी विदाई का कारण दूल्हे के पिता का सपना भी बताया जा रहा है। वे ऐसा विवाह समारोह चाहते थे जो सिरोंज में किसी ने कभी न देखा हो। पुरानी परंपरा जो लोग भूलते जा रहे हैं उसे दोबारा याद दिलाने के लिए ही बैलगाड़ी से विदाई करवाई गई। 

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