JNU Violence: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक बार फिर से ABVP और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच हंगामा देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि 22 फरवरी की देर रात करीब 1:30 बजे दोनों संगठनों के बीच पत्थरबाजी हुई, जिसमें JNU के ABVP मीडिया संयोजक विजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए।
हिंसा के दौरान यूनिवर्सिटी के कई स्टूडेंट्स भी घायल हुए हैं। इस घटना के बाद से कैंपस में तनावपूर्ण माहौल है।बता दें कि Left संगठनों से जुड़े छात्र VC शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित के इस्तीफे की मांग को लेकर जुलूस निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि ABVP के छात्रों ने उन पर हमला किया, जबकि ABVP का दावा है कि लेफ्ट विंग के छात्रों ने लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों को निशाना बनाया है।
ABVP संयुक्त सचिव ने क्या बताया ?
ABVP के JNUSU संयुक्त सचिव वैभव मीणा के मुताबिक 300 से 400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने कैंपस में घूम-घूमकर उन छात्रों को निशाना बनाया जो लाइब्रेरी और रीडिंग रूम में पढ़ाई कर रहे थे। मीणा ने दावा किया है कि विजय नाम के स्टूडेंट्स के साथ 100 से 150 लोगों की भीड़ ने मॉब लिंचिंग जैसी हरकत की।
JNU के ABVP लीडर प्रवीण कुमार पीयूष ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, 'कल रात, लेफ्ट ऑर्गनाइज़ेशन ने साबरमती टी पॉइंट से JNU वाइस चांसलर के घर तक मार्च बुलाया था। अपने मार्च के बाद, वे मास्क पहनकर स्कूल एरिया के कॉमन रूम में घुस गए, उन कमरों में पढ़ रहे स्टूडेंट्स पर हमला किया।
उनके पास हॉकी स्टिक, लोहे की रॉड, चाकू और पत्थर थे। कॉमन रूम में पढ़ रहे कुछ ABVP वर्कर्स पर भी हमला किया गया करीब 400 लेफ्ट विंग प्रोटेस्टर मास्क पहनकर हमारी तरफ दौड़े और हम पर भी हमला कर दिया, जिसकी वजह से एक खतरनाक मॉब-लिंचिंग जैसी सिचुएशन बन गई। 6 से 7 घायल ABVP वर्कर्स का सफदरजंग हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जिनमें से 2-3 की हालत क्रिटिकल है।'
VIDEO | Delhi: JNU's ABVP leader Praveen Kumar Piyush says, "Last night, Left organisations called for a march from Sabarmati Tea Point to the residence of JNU Vice Chancellor. After their march, they entered the common rooms of the school area, wearing masks, and assaulted the… https://t.co/KLBu6obANy pic.twitter.com/goxD0M75RO
— Press Trust of India (@PTI_News) February 23, 2026
ABVP स्टूडेंट ने क्या कहा ?
ABVP स्टूडेंट प्रतीक भारद्वाज ने मीडिया को बताया कि, ' मुझे नहीं पता कि मैं किस फ्लोर पर था। खुद को बचाने के लिए मैं इधर-उधर भागा, लेकिन सिर्फ एक रेस्ट रूम खुला था। मैं उस रेस्ट रूम में गया और खुद को अंदर से बंद कर लिया। करीब आधे घंटे बाद, कम से कम 150 लोगों का एक ग्रुप आया। उन्होंने देखा कि दरवाज़ा बंद है और उसे तोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने दरवाज़े में एक छेद किया और रेस्ट रूम को फायर एक्सटिंग्विशर से निकले धुएं और पाउडर से भर दिया। मेरे पास उस समय ली गई तस्वीरें भी हैं।'
Delhi: On the attack on ABVP students at JNU, ABVP student Prateek Bhardwaj says, I don’t know which floor I was on. To save myself, I ran around, but only one restroom was open. I went inside that restroom and locked myself from the inside. After about half an hour, a group of… pic.twitter.com/36SXEQw8zo
— IANS (@ians_india) February 23, 2026
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दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बीती देर रात हिंसा के बाद ABVP ने सोशल मीडिया पर #LeftAttacksJNUAgain हैशटैग के साथ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। 'ABVP का कहना है कि यह छात्र राजनीति नहीं, बल्कि सोची-समझी क्रूर हिंसा है।' उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्र सुरक्षित नहीं हैं।
संगठन ने दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग उठाई है। हालांकि अब तक ABVP द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर फिलहाल वामपंथी छात्र संगठनों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद से कैंपस में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए परिसर में भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
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