Asha Bhosle-RD Burman love Story: 'पिया तू अब तो आजा', 'ओ हसीना ज़ुल्फों वाली', 'दम मारो दम', 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को'... और न जाने ऐसे कितने सुपरहिट गानों की झड़ी लगाने वाली आशा भोसले और आरडी बर्मन की जोड़ी ने संगीत की दुनिया में अपना जादू चलाया। इन सदाबहार गानों के पीछे आशा और बर्मन की लव स्टोरी भी छिपी हुई है जिससे वैसे तो कई लोग वाकिफ हैं, लेकिन इस प्यार के पीछे आशा ताई को मिला संघर्ष, विरोध और दर्द।

स्वर कोकिला लता मंगेशकर के परिवार से आने वालीं आशा भोसले की पर्सनल लाइफ भी कई मुश्किलों में गुजरी। 16 की उम्र में पहला प्यार मिला, शादी भी की लेकिन किस्मत के आगे किसा जोर चलता है। हालांकि आशा भोसेल को जब आरडी बर्मन से प्यार हुआ तो जैसे उनकी सच्चे प्यार की तलाश खत्म हो गई। जानिए इस मशूहर जोड़ी की लव स्टोरी...
16 साल की उम्र में घर से भागीं आशा भोसेल
आशा भोसले ने महज 16 साल की उम्र में एक ऐसा कदम उठाया, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। वह अपनी बहन लता मंगेशकर के सेक्रेटरी गणपतराव भोसले के प्यार में पड़ी। परिवार ने भारी विरोध किया तो उनसे अलग होने का फैसला लिया और घर से भागकर आशा ने गणपतराव भोसले से शादी रचा ली। उनके तीन बच्चे हुए लेकिन जिम्मेदारी और घरेलू तनाव के बीच उनका वैवाहिक जीवन धीरे-धीरे टूटने लगा।

बताया जाता है कि उनके पति उनपर हिंसक और अब्यूसिव व्यव्हार करते थे। वे अक्सर उन्हें काम करने से रोकते और पैसों को लेकर परेशान करते थे। आखिरकार 1960 में हालात इतने बिगड़ गए कि आशा भोसले को अपने तीन बच्चों के साथ घर छोड़ना पड़ा। इस मुश्किल दौर में उन्होंने हार नहीं मानी और अपने करियर पर पूरा ध्यान दिया।
करियर में मिली नई पहचान
इस दौर के बाद आशा भोसले का करियर तेजी से आगे बढ़ा। उन्होंने ‘वक्त’, ‘गुमराह’, ‘हमराज’ जैसी फिल्मों में गाने गाकर अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज में एक अलग अंदाज था, जिसने उन्हें अपनी बहन लता मंगेशकर से अलग पहचान दिलाई।

आर.डी. बर्मन के साथ मिला सच्चा प्यार
इसी दौरान उनकी जिंदगी में आए मशहूर संगीतकार राहुल देव बर्मन। दोनों की मुलाकात काम के दौरान हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। उम्र में छोटे होने के बावजूद आर.डी. बर्मन ने उन्हें लंबे समय तक प्रपोज किया, लेकिन पहली शादी के अनुभव के कारण आशा तुरंत राजी नहीं हुईं।
काफी समय बाद दोनों ने 1980 में शादी कर ली। यह रिश्ता उनके जीवन का सबसे खूबसूरत अध्याय साबित हुआ। दोनों ने साथ मिलकर कई सुपरहिट गाने दिए और संगीत जगत में एक अलग मुकाम हासिल किया।

प्यार, दूरी और एक दर्दनाक विदाई
हालांकि, उनकी जिंदगी में दुख भी कम नहीं थे। 1980 के दशक के अंत में आर.डी. बर्मन की सेहत खराब रहने लगी और दोनों कुछ समय के लिए अलग हो गए। इसके बावजूद आशा भोसले हमेशा उनके साथ रहीं।
4 जनवरी 1994 को आर.डी. बर्मन का निधन हो गया, जिसने आशा भोसले को गहरा आघात पहुंचाया। इस सदमे के बाद भी उन्होंने खुद को संभाला और संगीत में वापसी की।








