haribhoomi hindi news
Delhi Riots 2020: दिल्ली दंगा आरोपी उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।

Delhi Riots 2020: दिल्ली दंगों से जुड़े आरोपी उमर खालिद ने आज 13 अप्रैल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जमानत को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। बता दें कि 5 जनवरी को कोर्ट ने उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया था, अब इस फैसले पर फिर से विचार करने के लिए उमर ने  पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।  

जानकारी के मुताबिक, उमर खालिद की ओर से वकील कपिल सिब्बल पेश हुए, और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में  इस मामले का जिक्र किया। कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि पुनर्विचार याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी, और उन्होंने आग्रह किया है कि इस मामले की सुनवाई ओपन कोर्ट में होनी चाहिए। पीठ का कहना है कि इस मांग पर विचार करके मामले की ओपन कोर्ट में सुनवाई होगी। 

5 आरोपियों को मिल चुकी जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 5 जनवरी को उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिरका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि दोनों आरोपी 1 साल तक जमानत याचिका दाखिल नहीं कर पाएंगे। वहीं इस मामले में कोर्ट ने दूसरे 5 आरोपियों  (गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद) को 12 शर्तों के साथ जमानत दे दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में यह भी कहा था कि उमर खालिद और शरजील इमाम फिर से जमानत के लिए आवेदन तभी दे सकते हैं, जब संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी हो जाएगी, या फिर 5 जनवरी से 1 साल का वक्त बीत जाए। सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा था सुरक्षित

सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट का कहना था कि अगर 1 साल में गवाही को पूरा नहीं होती, तो ऐसी स्थिति में आरोपी फिर से जमानत याचिका निचली कोर्ट में दाखिल कर सकते हैं।

उमर खालिद को अपनी बहन की शादी के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट ने 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक अंतरिम जमानत मंजूर कर ली थी। अदालत ने अंतरिम रिहाई के साथ कुछ सख्त शर्तों को भी लागू किया था, जिसमें उमर खालिद के सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने, किसी भी गवाह से संपर्क में रहने पर रोक रहेगी। उमर को परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से मिलने की परमिशन थी। 

7