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 व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा के इतर विभागीय स्तर पर परीक्षा आयोजित करने प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

रायपुर। व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा के इतर विभागीय स्तर पर परीक्षा आयोजित करने प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रदेश शिक्षक संघ से सुझाव मांगे हैं। प्रदेश में 1 लाख 90 हजार शासकीय शिक्षक हैं। इनमें से करीब 35 हजार शिक्षक ही शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। 85 हजार शिक्षकों पर टेट उत्तीर्ण करने की तलवार लटक रही है। शेष 70 हजार शिक्षकों का कार्यकाल पांच वर्ष से कम बचा है अथवा वे प्राचार्या या व्याख्याता हैं। 

नए नियमों से प्रत्यक्ष रूप से 85 हजार शिक्षकों के समक्ष अपनी नौकरी बचाए रखने और पदोन्नति का संकट खड़ा हो गया है। छग टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया, शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल ने डीपीआई अधिकारियों से मुलाकात कर शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा विषयक चर्चा की है। उन्होंने टेट देने वाले सहायक शिक्षक व शिक्षकों की संख्या, टेट उत्तीर्ण नहीं होने पर शिक्षक संवर्ग पर दुष्प्रभाव सहित अन्य चीजों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उच्च अधिकारियों द्वारा इस संदर्भ में संघ से प्रस्ताव मांगा गया है, जिसकी तैयारी उनके द्वारा की जा रही है।

न्यूनतम उत्तीर्ण अंक युक्तिसंगत रखने की मांग
शिक्षक संघ ने परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यावहारिक एवं सेवा-अनुभव आधारित रखने की मांग की है, जिससे शिक्षक सहज रूप से उत्तीर्ण हो सकें। परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत रखने, आयु सीमा से छूट एवं सेवा अनुभव को वेटेज प्रदान करने, परीक्षा को पदोन्नति एवं सेवा नियमितीकरण से जोड़ने, परीक्षा प्रक्रिया सरल एवं विभागीय स्तर पर ही संचालित करने की मांग की है। इसके अलावा परीक्षा प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक दोनों स्तर के लिए आयोजित करने की भी मांग शिक्षकों ने की है। शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑफलाइन रखने की मांग की गई है, ताकि उम्रदराज शिक्षक जिन्होंने कभी ऑनलाइन परीक्षा नहीं दिलाई है उन्हें अधिक असुविधा ना हो।

यह है आदेश में
गौरतलब है, एक मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की पात्रता संबंधित मापदंड तय किए थे। इस आदेश के अनुसार, सभी सेवारत शिक्षकों के लिए टेट अर्थात टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट अर्थात शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। शिक्षकों को दो वर्ष के अंतराल में इस पात्रता परीक्षा को उत्तीर्ण करना होगा। केवल ऐसे शिक्षक जिनका कार्यकाल पांच वर्ष अथवा इससे कम शेष है, उन्हें छूट दी गई है। हालांकि छूट का लाभ प्राप्त करने वाले शिक्षकों को पदोन्नति नहीं मिलेगी। व्यावसायिक परीक्षा मंडल प्रतिवर्ष इस परीक्षा का आयोजन नहीं करता है। दो वर्ष अथवा इससे भी अधिक अंतराल में व्यापम यह परीक्षा लेता है। यही कारण है कि शिक्षक कम अंतराल में वर्ष में कम से कम दो बार टेट लिए जाने की मांग कर रहे हैं।

  

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