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बिहार में अब डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। सुरक्षा कारणों से पुलिस मुख्यालय ने एग्रीगेटर कंपनियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जानें क्या हैं नए नियम।

Bihar Gig Workers Rules: बिहार में तेजी से फल-फूल रहे ऑनलाइन डिलीवरी और कैब सर्विस सेक्टर में सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। अब राज्य के लगभग 2.5 लाख होम डिलीवरी कामगारों और गिग वर्कर्स का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।

नए नियमों के मुताबिक, कोई भी एग्रीगेटर कंपनी बिना चरित्र सत्यापन (Police Verification) के किसी भी युवा को काम पर नहीं रख पाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में अपराधी तक तुरंत पहुंचना है।

क्यों पड़ी इस नियम की जरूरत?
हाल के दिनों में डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवरों से जुड़ी आपराधिक घटनाओं ने पुलिस और जनता की चिंता बढ़ा दी थी। अक्सर एग्रीगेटर कंपनियां बिना किसी ठोस बैकग्राउंड चेक के युवाओं को काम पर रख लेती हैं, जिसका फायदा उठाकर संदिग्ध किस्म के लोग भी इस क्षेत्र में घुस जाते हैं। क्योंकि ये डिलीवरी पार्टनर सीधे ग्राहकों के घर तक पहुंचते हैं, इसलिए अनजाने व्यक्ति से सुरक्षा का खतरा बना रहता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए अब उनकी पूरी 'कुंडली' तैयार की जाएगी।

इन शहरों में सबसे ज्यादा रहेगा असर
बिहार के बड़े शहरों जैसे पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी का सबसे बड़ा नेटवर्क है। इसके अलावा गया, दरभंगा और पूर्णिया जैसे शहरों में भी यह कारोबार तेजी से फैला है। पुलिस की विशेष टीमें अब इन शहरों में सक्रिय सभी कंपनियों के साथ मिलकर कामगारों की पहचान सुनिश्चित करेंगी।

कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पास कार्यरत सभी गिग वर्कर्स की सूची पुलिस को उपलब्ध कराएं। यदि कोई पहले से काम कर रहा है, तो उसे एक तय समय के भीतर अपना आचरण प्रमाण पत्र जमा करना होगा।

आईजी का कड़ा निर्देश: कोताही नहीं होगी बर्दाश्त
भागलपुर के आईजी विवेक कुमार ने स्पष्ट किया है कि सभी जिलों के एसपी को गिग वर्कर्स के चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। संस्था के मालिकों और एग्रीगेटर कंपनियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों का वेरिफिकेशन जरूर कराएं।

अन्य राज्यों से आने वाले वेरिफिकेशन आवेदन भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाए जा रहे हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कंपनियों पर कार्रवाई भी हो सकती है।

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