Bangladesh Cricketers Salary: बांग्लादेश क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा। बोर्ड के नए अध्यक्ष तमीम इकबाल ने घरेलू खिलाड़ियों, खासकर महिला क्रिकेटरों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी का फैसला लिया। यह कदम तब उठाया गया जब उन्हें पता चला कि महिला खिलाड़ियों को एक वनडे मैच के लिए सिर्फ 1000 बांग्लादेशी टका (करीब 8 डॉलर) मिलते थे, जिसे सुनकर वह दंग रह गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में बड़ा इजाफा किया गया। वनडे मैच के लिए उन्हें 15 हजार टका (करीब 120 डॉलर), फर्स्ट क्लास मैच के लिए 20 हजार टका (करीब 160 डॉलर) और टी20 मैच के लिए 10 हजार टका (करीब 80 डॉलर) मिलेंगे। इसके अलावा, टॉप 36 महिला घरेलू खिलाड़ियों की मासिक सैलरी भी 30 हजार टका से बढ़ाकर 40 हजार टका कर दी गई है।
खिलाड़ियों को कम सैलरी मिल रही थी: तमीम
तमीम इकबाल ने कहा कि यह बदलाव भले ही पूरी तरह पर्याप्त न हो, लेकिन यह एक अच्छा सुधार है। उन्होंने माना कि पिछले तीन-चार सालों में खिलाड़ियों की सैलरी में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई थी और वे काफी कम पैसे में खेल रहे थे। ये खिलाड़ी कड़ी मेहनत करते हैं और क्रिकेट उनकी वजह से चलता है। उन्हें कम से कम उचित भुगतान मिलना चाहिए।
सिर्फ महिला ही नहीं, पुरुष घरेलू क्रिकेटरों की सैलरी में भी बढ़ोतरी की गई। अब कैटेगरी A के खिलाड़ियों को 65000 टका (करीब 540 डॉलर), कैटेगरी-बी के खिलाड़ियों को 50 हजार टका (करीब 415 डॉलर) और कैटेगरी C के खिलाड़ियों को 40 हजार टका (करीब 333 डॉलर) मिलेंगे। वहीं, फर्स्ट क्लास मैच फीस 70 हजार टका से बढ़ाकर 1 लाख टका (करीब 833 डॉलर) कर दी गई है।
37 साल के तमीम इकबाल, जिन्होंने बांग्लादेश के लिए 391 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की एड-हॉक कमेटी के अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि घरेलू खिलाड़ियों को पहले बहुत कम पैसे मिलते थे और अब इस स्थिति को सुधारना जरूरी था।
तमीम ने यह भी साफ किया कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य BCB की छवि को सुधारना है। पिछले डेढ़ साल में बोर्ड की साख को नुकसान पहुंचा है, जिसे अब मिलकर ठीक करना होगा। उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि क्रिकेट फिर से गर्व का विषय बने। जो लोग BCB से जुड़े हैं, वे गर्व से कह सकें कि वे यहां काम करते हैं।'
इस फैसले को बांग्लादेश क्रिकेट में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। खिलाड़ियों की सैलरी बढ़ने से न सिर्फ उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि घरेलू क्रिकेट का स्तर भी बेहतर होने की उम्मीद है।









