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Closing bell: पांच दिन की तेजी के बाद गुरुवार को शेयर बाजार गिर गया। सेंसेक्स एक समय 1200 अंक तक टूट गया था और निफ्टी भी 23700 के नीचे फिसल गया था। हालांकि, बाद में हल्की रिकवरी आई। पश्चिम एशिया में तनाव और क्रूड ऑयल में उछाल से बाजार में दबाव है।

Closing bell: ग्लोबल संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी-50 दोनों ही सूचकांक पिछले सेशन की बड़ी तेजी के बाद दबाव में आ गए। दोपहर 2:40 बजे तक सेंसेक्स 1171.65 अंक यानी 1.51% गिरकर 76391.25 पर पहुंच गया था जबकि निफ्टी 305.20 अंक यानी 1.27% टूटकर 23692.15 पर आ गया था। हालांकि, बंद होते-होते हल्की रिकवरी आई और निफ्टी 23775 और सेंसेक्स 76631 पर बंद हुआ। 

बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक वास्तविक समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शर्तें पूरी नहीं हुईं तो कार्रवाई और तेज हो सकती। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर।

कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल
तेल की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड 2.09% बढ़कर 96.73 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देश के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ सकता है।

ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत मिले
ग्लोबल बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। एशियाई बाजार जैसे कोस्पी, निक्केई, शंघाई और हैंगसेंग में गिरावट रही, जबकि अमेरिकी फ्यूचर्स भी दबाव में दिखे। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ी। बुधवार को एफआईआई ने 2811.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके अलावा रुपये में भी कमजोरी आई और यह 17 पैसे गिरकर 92.71 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

16 में से 11 सेक्टर लाल निशान में रहे
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो 16 में से 11 सेक्टर लाल निशान में रहे। खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। बैंक निफ्टी करीब 2% गिर गया और इसके सभी 14 शेयर लाल निशान में रहे।

एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर क्रमशः 1.8% और 1.4% टूटे। हालांकि, कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। होनासा कंज्यूमर का शेयर मजबूत तिमाही अपडेट के बाद 4% चढ़ा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स अपेक्षाकृत स्थिर रहे, जहां स्मॉलकैप 0.3% बढ़ा और मिडकैप लगभग सपाट रहा।

विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण मुनाफावसूली भी है। पिछले सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी ने करीब 4% की जबरदस्त तेजी दिखाई थी, जो पिछले पांच साल की सबसे बड़ी उछाल थी। ऐसे में निवेशकों ने मुनाफा बुक करना बेहतर समझा।

इसके अलावा, गुरुवार को सेंसेक्स डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी भी थी, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव, तेल की कीमतें, FII बिकवाली और मुनाफावसूली जैसे कई कारणों ने मिलकर बाजार को नीचे खींचा।

(प्रियंका कुमारी)

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