मुंबई। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को दबाव में हुई। सेंसेक्स ज सुबह 243.57 अंक की गिरावट के साथ 77,319.33 पर खुला। इसके बाद इसमें और गिरावट देखने को मिली। 9.45 बजे तक 558.21 अंक या 0.72% गिरावट के साथ सेंसेक्स 77,004.69 के स्तर पर आ गया। एनएसई का निफ्टी सुबह 88.30 अंक की गिरावट के साथ 23,909.05 पर खुला। एनएसई का यह बेंचमार्क इंडेक्स इस समय 140.15 अंक या 0.58% गिरावट के साथ 23,857.20 पर ट्रेड कर रहा है। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन आज के कारोबार में निवेशकों में निराशा साफ दिखाई दे रही है। अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के उल्लंघन से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ और इसका दबाव शुरुआती कारोबार में दिखाई दे रहा है।
वैश्विक संकेतों से दबाव, निवेशक सतर्क
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और मुनाफावसूली का रुख अपनाते दिख रहे हैं। हालांकि गिरावट बहुत ज्यादा नहीं है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और बैंकिंग इंडेक्स दोनों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। वहीं भारत-22 जैसे कुछ इंडेक्स में मामूली बढ़त भी देखने को मिली, जो बाजार में संतुलन का संकेत है। कुल मिलाकर बाजार में मिलाजुला रुख बना हुआ है, जहां कुछ सेक्टर दबाव में हैं तो कुछ में खरीदारी जारी है।

टॉप गेनर्स: इन शेयरों में दिखी तेजी
आज के कारोबार में कुछ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। आईटीआई, जेबीएम ऑटो और होनासा जैसे शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा स्टरलाइट टेक और ओला इलेक्ट्रिक में भी मजबूती देखने को मिली, जिससे इन स्टॉक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। दूसरी ओर कुछ शेयरों में गिरावट का दबाव भी स्पष्ट नजर आया। आईएक्सआईजीओ, सीसीएल और चोला होल्डिंग जैसे शेयरों में बिकवाली देखी गई।
शैली इंजीनियरिंग और रेनबो जैसे स्टॉक्स भी कमजोर रहे, जिससे निवेशकों का रुझान इनसे दूर दिखा।
मार्केट ब्रेड्थ और आंकड़े क्या कहते हैं?
बाजार में कुल मिलाकर सकारात्मक ब्रेड्थ देखने को मिली, जहां बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वालों से अधिक रही। शुरुआती कारोबार में करीब 2900 से ज्यादा शेयरों में ट्रेडिंग होती दिख रही है, जिसमें 1700 से अधिक शेयर बढ़त में हैं। शुरुआती कारोबार में ही कई शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर के करीब जा पहुंचे हैं, जो बाजार में छिपी मजबूती को दिखाते हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला असर
अमेरिकी शेयर बाजारों में बुधवार को जोरदार उछाल आया और प्रमुख इंडेक्स 2.5% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके विपरीत एशियाई बाजारों में गुरुवार को हल्की गिरावट देखने को मिली, क्योंकि ईरान की ओर से युद्धविराम के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। इससे निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है, जो बाजार की दिशा तय कर सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को फिर से तेजी देखने को मिली, क्योंकि सप्लाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

कच्चे तेल में तेजी, डॉलर में हल्की मजबूती
निवेशक अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। कल के मुकाबले, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। डॉलर में हल्की मजबूती दिख रही है, जो वैश्विक निवेशकों के सतर्क रुख को दिखाता है। कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है। जहां एक ओर तकनीकी संकेत तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं वैश्विक अनिश्चितता दबाव बना सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखें। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय अवसर और जोखिम दोनों का मिश्रण माना जा सकता है। सतर्क रहकर अहम स्तरों पर नजर बनाए रखें।










