गुवाहाटी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से असम के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। पिछले चार महीनों में यह उनका चौथा असम दौरा है, जो राज्य के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक और विकास, दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस प्रवास के दौरान पीएम मोदी कुल 47,600 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का अनावरण और शिलान्यास करेंगे, जिससे राज्य की बुनियादी संरचना और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
A historic step towards securing land rights for Assam’s tea tribe community.
— Chief Minister Assam (@CMOfficeAssam) March 13, 2026
Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi In the first phase, will distribute land rights to families from 106 tea gardens in 20 districts today. pic.twitter.com/FNDPRaq3db
कोकराझार में विकास की लहर और बुनियादी ढांचे को मजबूती
प्रधानमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत बोरोलैंड प्रादेशिक परिषद क्षेत्र के कोकराझार से की, जहाँ उन्होंने 4,570 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का अनावरण किया। यहाँ उन्होंने विशेष रूप से 'असम माला 3.0' पहल के तहत सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भूमि पूजन करेंगे।
Heartiest welcome to Assam, Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi.
— Chief Minister Assam (@CMOfficeAssam) March 13, 2026
Every visit of the Hon’ble Prime Minister brings new hope and a host of transformative initiatives for the people of Assam.
This time too, development projects worth ₹47,600 crore set to be inaugurated by… pic.twitter.com/MvFjUTBiMh
इस योजना के अंतर्गत 900 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे न केवल अंतर-राज्यीय संपर्क में सुधार होगा बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों के बीच नेटवर्क भी मजबूत होगा।
इसके अतिरिक्त, कोकराझार जिले में यातायात की भीड़ कम करने के लिए चार फ्लाईओवर और दो पुलों के निर्माण का शिलान्यास भी किया गया, जो क्षेत्र में कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी छलांग: गैस ग्रिड और रिफाइनरी विस्तार
असम के ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पीएम मोदी ने कई बड़े कदमों की घोषणा की। उन्होंने उत्तर-पूर्व गैस ग्रिड के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे, जो गुवाहाटी को नुमालीगढ़, गोहपुर और ईटानगर से जोड़ने वाली एक प्रमुख पाइपलाइन परियोजना है।
साथ ही, नुमालीगढ़-सिलीगुड़ी उत्पाद पाइपलाइन की क्षमता संवर्धन परियोजना का भी उद्घाटन किया गया, जिससे नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता 3 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो जाएगी।
इसके अलावा, कोपिली जलविद्युत परियोजना का अनावरण और नुमालीगढ़ रिफाइनरी के रेल-चालित पीओएल टर्मिनल की आधारशिला रखने से राज्य की बिजली और ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को भारी मजबूती मिलेगी।
किसानों को तोहफा और नई रेल सेवाओं का शुभारंभ
प्रधानमंत्री ने असम की धरती से देश के करोड़ों किसानों के लिए खुशी का एलान किया। उन्होंने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे, जिससे देशभर के लगभग 93 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी असम को तीन नई ट्रेनों की सौगात मिली।
प्रधानमंत्री ने कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस और नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही, गुवाहाटी में मोदी चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे वितरित किए जायेंगे, जिसे चाय बागान समुदाय के अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
गुवाहाटी और सिलचर में भविष्य के बड़े प्रोजेक्ट्स
शनिवार के कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री गुवाहाटी और सिलचर के लिए बड़ी घोषणाएं करेंगे। कामाख्या रेलवे स्टेशन को मंदिर से जोड़ने वाली रोपवे परियोजना की आधारशिला रखी जाएगी, जो प्रतिदिन 17,000 यात्रियों की क्षमता वाली होगी।
गुवाहाटी में 'पीएम एकता मॉल' का उद्घाटन भी किया जाएगा, जो वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और जीआई-टैग उत्पादों के लिए एक प्रमुख वाणिज्यिक और पर्यटन केंद्र बनेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री सिलचर के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे लगभग 23,550 करोड़ रुपये की अतिरिक्त परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। राज्य में अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन बड़ी सौगातों को भाजपा की सत्ता में वापसी की कोशिशों के एक मजबूत आधार के रूप में देखा जा रहा है।









