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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सीमावर्ती बेस से मिग-29 में अकेले उड़ान भरकर भारतीय वायुसेना की मजबूत ऑपरेशनल तैयारी का प्रदर्शन किया।

नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने गुरुवार को एक प्रमुख सीमावर्ती एयरबेस से मिग-29 (UPG) मल्टी-रोल लड़ाकू विमान में अकेले उड़ान भरकर देश की सैन्य ताकत और ऑपरेशनल तैयारी का शानदार प्रदर्शन किया।

वायुसेना प्रमुख के इस साहसी कदम का उद्देश्य अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ाना और आधुनिक तकनीक से लैस भारतीय बेड़े की क्षमताओं को परखना था।

​सीमावर्ती बेस पर तैयारियों का जायजा और सैनिकों से संवाद 
अपनी उड़ान के बाद एयर चीफ मार्शल ने बेस पर तैनात अधिकारियों और भारतीय वायुसेना के पूर्व सैनिकों से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने इस दौरान वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारी, लड़ाकू क्षमताओं और किसी भी आकस्मिक चुनौती से निपटने के लिए 'फॉरवर्ड बेस' पर मिशन की तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वायुसेना हर पल देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

​मिग-29: सोवियत विरासत से आधुनिक 'किलर' तक का सफर 
मिग-29 सोवियत यूनियन द्वारा निर्मित एक अत्यंत शक्तिशाली द्वि-इंजन लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में इसे 1980 के दशक में शामिल किया गया था।

उद्देश्य: इसे मूल रूप से अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया था।

अपग्रेड: वायुसेना ने हाल के वर्षों में अपने मिग-29 बेड़े को 'UPG' वर्जन में बदला है। नई एवियोनिक्स, आधुनिक रडार और हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता ने इसे और भी घातक बना दिया है।

बहुमुखी क्षमता: यह चौथी जनरेशन का विमान हवा से हवा, हवा से जमीन और सटीक गोला-बारूद दागने में सक्षम है। इसका एक वेरिएंट भारतीय नौसेना द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है।

​ऑपरेशनल क्षमता और तकनीकी श्रेष्ठता का संदेश 
वायुसेना प्रमुख द्वारा अकेले विमान उड़ाना यह संदेश देता है कि भारतीय नेतृत्व न केवल तकनीकी रूप से दक्ष है, बल्कि अग्रिम मोर्चों पर खुद कमान संभालने के लिए तैयार है। मिग-29 की अपग्रेडेड क्षमताओं के साथ भारतीय वायुसेना अब और भी अधिक मारक और सटीक हो गई है, जिससे सीमाओं की सुरक्षा अभेद्य बनी हुई है।

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