नई दिल्ली : फरवरी का महीना आधे पड़ाव पर है, लेकिन ठंड के तेवर कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। देश के बड़े हिस्से में कुदरत का दोहरा प्रहार देखने को मिल रहा है। एक तरफ पहाड़ों पर आसमानी आफत बनकर बर्फ गिर रही है, तो दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में घने कोहरे ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने 6 राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ों पर 'स्नो-फॉल' और मैदानों में 'कोल्ड-अटैक'
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी हो रही है, जिससे पूरा उत्तर भारत कांप उठा है। पहाड़ों से टकराकर आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों के तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की है। आलम यह है कि लोग दिन में भी ठिठुरने को मजबूर हैं।
कोहरे की सफेद चादर में लिपटे शहर
उत्तर प्रदेश, पंजाब और बिहार में सुबह के वक्त विजिबिलिटी शून्य से 50 मीटर के बीच दर्ज की गई। घने कोहरे के कारण दिल्ली आने-जाने वाली दर्जनों ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए प्रशासन ने 'येलो अलर्ट' जारी किया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
इन 6 राज्यों में मौसम विभाग की विशेष चेतावनी
आईएमडी ने राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के कुछ जिलों में 'सीवियर कोल्ड डे' जैसी स्थिति बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवाओं की नमी और ठंडक अभी दो-तीन दिन और बरकरार रहेगी।
दिल्ली-NCR में कड़ाके की ठंड और प्रदूषण का दोहरा वार
राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। ठंडी हवाओं के साथ-साथ कोहरे ने प्रदूषण के कणों को जमीन के करीब रोक दिया है, जिससे हवा की गुणवत्ता भी खराब श्रेणी में बनी हुई है।
खेती और स्वास्थ्य पर मौसम का सीधा असर
लगातार गिरते तापमान और कोहरे का असर रबी की फसलों पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां यह ठंड गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, वहीं सब्जियों के लिए पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को सांस संबंधी बीमारियों से बचने के लिए सुबह की सैर से परहेज करने की सलाह दी है।










