दिल्ली के जनकपुरी सड़क हादसे में नया मोड़ सामने आया है। दिल्ली पुलिस को ऐसा चश्मदीद मिला है, जिसने कथित तौर पर कमल ध्यानी को दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरते देखा था। पुलिस ने चश्मदीद के बयान पर एक गार्ड और उसके मालिक का नाम भी आरोपियों में शामिल कर लिया है। पुलिस का कहना है कि ठेकेदार राजेश प्रजापति को गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं, ठेकेदार के मजदूर की भी तलाश शुरू कर दी गई है।
मीडिया से बातचीत में दिल्ली पुलिस के डीसीसी वेस्ट शरद भास्कर ने बताया कि जनकपुरी सड़क हादसे की जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए हैं। हमें एक चश्मदीद मिला है, जिसने एक मोटरसाइकिल को गड्ढे में गिरते देखा था। उसने गार्ड को बताया कि एक मोटरसाइकिल सवार गड्ढे में गिर गया है। उस गार्ड ने ठेकेदार के मजदूर योगेश को बताया। योगेश ने मोटरसाइकिल की हेडलाइट जलती देखी और रात 12:22 बजे अपने मालिक राजेश प्रजापति को घटना के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को पता था कि कोई व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है, लेकिन उन्होंने किसी को नहीं बताया। हम इस मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करेंगे। उन्होंने बताया कि मजदूर योगेश मौके से फरार पाया गया है। उसे पकड़ने के लिए टीमें भेजी गई हैं। वहीं, ठेकेदार राजेश प्रजापति को गिरफ्तार किया जा रहा है।
हर जगह लापरवाही का आलम
बता दें कि 25 वर्षीय कमल ध्यानी मौत के लिए एक या दो नहीं बल्कि कई लोग जिम्मेदार हैं। सबसे पहले वे लोग जिम्मेदार हैं, जिन्होंने इस खतरनाक गड्ढे के पास न तो रोशनी की व्यवस्था की और न ही बैरिकेडिंग लगाई। दूसरे वे पुलिसकर्मी जिम्मेदार रहे, जिन्होंने शिकायत मिलने के बाद भी कमल थ्यानी की तत्काल तलाश शुरू नहीं की। मृतक के दोस्त और परिजनों ने भी आरोप लगाया कि वे करीब छह पुलिस थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। अगर मदद करते तो शायद वो जीवित होता।
बहरहाल, दिल्ली सरकार ने इस पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है। अभी तक दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, ठेकेदार राजेश प्रजापति को अरेस्ट कर लिया गया है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पुलिस जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसा हादसा न हो, इसके लिए भी सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।











