दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट इलाके में पत्थरबाजी से जुड़े मामले पर सात आरोपियों की जमानत पर सुनवाई की। कोर्ट ने सातों आरोपियों पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। बताया गया है कि कोर्ट सोमवार को पांच अन्य आरोपियों की भी जमानत अर्जी पर सुनवाई करेगी। इसके बाद सभी जमानत याचिकाओं पर फैसला आ सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीस हजारी कोर्ट में एडिशनल सेशंस जज भूपिंद्र सिंह ने सात आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई की। आरोपियों में मोहम्मद कैफ, मोहम्मद काशिफ, समीर हुसैन, मोहम्मद उबदुल्ला, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद नवीद और मोहम्मद अथर शामिल हैं, जिनकी जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा गया है। वहीं आरोपी अदनान, मोहम्मद इमरान, आमिर हमजा, मोहम्मद आदिल और मोहम्मद अदनान की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होगी।
बचाव पक्ष ने दी ये दलीलें
आरोपियों की तरफ से पेश वकीलों ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं से आगे हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है। डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है। मोहम्मद कैफ और मोहम्मद काशिफ के वकील ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि कैफ 6 जनवरी को शाम सात बजे से अगले दिन सुबह तीन बजे तक घर पर मौजूद था। वहीं पुलिस ने दावा किया कि उसके दोनों भाइयों को सुबह ढाई बजे अरेस्ट किया था। बचाव पक्ष ने कहा कि दोनों भाई तभी घर से बाहर निकले थे क्योंकि उनके घर में आंसू गैस घुस गई थी।
समीर के मामले में भी दलील दी गई कि उसका घर घटनास्थल से 500 से 700 मीटर की दूरी पर था, ऐसे में उसका वहां मौजूद होना स्वाभाविक था। सीसीटीवी से भी पता चला कि वह रात 12:09 बजे से रात 1:00 बजे तक घर के पास खड़ा था। अबदुल्ला के मामले में भी दलील दी गई कि वह पास की दवा पर दुकान लेने गया था। उसका पत्थरबाजी से कोई ताल्लुक नहीं था।
अभियोजन पक्ष ने की आपत्ति
वहीं, अभियोजन पक्ष ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में आरोपियों द्वारा दायर जमानत अर्जियों का विरोध करते हुए कहा कि चीफ मेडिकल ऑफिसर की गैरमौजूदगी के चलते मेडिको लीगल केस रिपोर्ट पैंडिंग हैं। जांच के लिए आरोपियों की मौजूदगी जरूरी है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सातों आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है।
बता दें कि यह घटना 7 और 8 जनवरी की मध्य रात की है। रामलीला मैदान इलाके के पास फैज ए इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने गई टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था। पत्थरबाजी में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच भी जमकर सियासी घमासान देखने को मिला था।











