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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को 'विकसित भारत 2047' के लिए मील का पत्थर बताया है। इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है। जानें किन सामानों पर मिलेगी ड्यूटी फ्री एंट्री।

Piyush Goyal on India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार (7 फरवरी) को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बारीकियों को साझा करते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में यह समझौता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को सालाना 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गहरी मित्रता और दूरदर्शी सोच ने इस कूटनीतिक सफलता की नींव रखी है।

चीन और वियतनाम से आगे निकला भारत
मंत्री ने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर लगने वाले 50 प्रतिशत के पारस्परिक टैरिफ को घटाकर अब मात्र 18 प्रतिशत कर दिया है। यह भारत के निर्यातकों के लिए एक बड़ी जीत है क्योंकि यह दर भारत के प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में काफी कम है। तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए गोयल ने कहा कि अमेरिका ने चीन पर 35%, वियतनाम और बांग्लादेश पर 20% तथा इंडोनेशिया पर 19% ड्यूटी लगाई है। भारत के लिए 18% का टैरिफ भारतीय सामानों को अमेरिकी बाजार में ज्यादा सस्ता और प्रतिस्पर्धी बना देगा।

इन भारतीय उत्पादों को मिलेगी 'ड्यूटी-फ्री' एंट्री
पीयूष गोयल ने उन सामानों की सूची भी जारी की जो अब शून्य या न्यूनतम ड्यूटी पर अमेरिका भेजे जा सकेंगे:

  • रत्न और आभूषण: पश्चिम बंगाल और केरल के हीरे व कीमती पत्थर।
  • कृषि उत्पाद: चाय, कॉफी, मसाले, नारियल, काजू, आम, केला, मशरूम और एवोकैडो।
  • तकनीक और स्वास्थ्य: स्मार्टफोन, जेनेरिक दवाएं और फार्मास्यूटिकल्स।
  • अन्य: कपड़े, हस्तशिल्प, चर्म उत्पाद (लेदर), प्लास्टिक, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर (जैसे झूमर), घड़ियां और सिक्के।

किसानों के हित सुरक्षित, 'आत्मनिर्भर' उत्पादों पर कोई समझौता नहीं
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि इस डील से भारतीय किसानों के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि उन्हें निर्यात के नए अवसर मिलेंगे। हालांकि, भारत ने अपनी 'आत्मनिर्भर' नीतियों का सम्मान करते हुए उन उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है जिनमें हम स्वयं आत्मनिर्भर हैं। डेयरी उत्पाद, मांस, पोल्ट्री, चावल, मक्का, गेहूं और बाजरा जैसे उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी गई है। इसके साथ ही तंबाकू और गैर-अल्कोहलिक पेय पदार्थों को भी इस सूची से बाहर रखा गया है।

लाखों युवाओं और महिलाओं को मिलेगा रोजगार
मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह समझौता विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार के दरवाजे खोल देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्यात में होने वाली इस भारी बढ़ोतरी से भारत में युवाओं और महिलाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

समझौते में यह भी पुष्टि की गई है कि भारत में केवल कुछ विशिष्ट श्रेणियों के जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) उत्पादों की ही अनुमति होगी, जिससे स्थानीय उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

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