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मंत्री जब भी गांवों में जाएं तो आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण जरूर करें : CM शिवराज सिंह चौहान

बच्चों व महिलाओं के कुपोषण को दूर करने पर मुख्यमंत्री ने दिया विशेष जोर, व्यवस्था भी चुस्त दुरूस्त कराएं। पढ़िए पूरी खबर-

मंत्री जब भी गांवों में जाएं तो आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण जरूर करें : CM शिवराज सिंह चौहान
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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मंत्री व अफसर जब भी जिलों व गांवों में जाएं तो हर हाल में आंगनबाड़ी केंद्रो का निरीक्षण कर व्यवस्था दुरूस्त कराएं। बच्चों और महिलाओं का कुपोषण दूर कर उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में आंगनवाड़ी केन्द्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कोविड-19 के दौर में इसका महत्व और भी बढ़ गया है। दूसरे विभाग भी आंगनवाड़ी केन्द्रों को सक्षम बनाने में सहयोग करें। ऐसे में जिलों में भ्रमण के दौरान आंगन आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरस्त कराने की बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने रविवार को चिरायु कोविड अस्पताल से ही वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए आंगनबाड़ियों के संचालन की समीक्षा किए। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान की कार्ययोजना बनाकर शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त किए जाएं। महिला और बाल विकास की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को बेहतर बनाया जाए। जो कमियां दिखें उन्हें दूर कराएं। केन्द्रों पर विभिन्न व्यवस्थाए करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बढ़ाए। उन्होंने कहा कि एक मूवमेंट और जन आंदोलन बनाकर कुपोषण का कलंक दूर करें। 15 अगस्त तक इसकी कार्ययोजना बनाई जाए। कोविड-19 की परिस्थितियों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अच्छा कार्य किया है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।

रेडी टू ईट और टेक होम राशन की व्यवस्थाएं पुख्ता हों

मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि कोविड-19 के संक्रमण काल में 53 हजार 668 स्व-सहायता समूहों के तीन वर्ष से छह वर्ष की आयु के सभी बच्चों को रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार प्रदाय करने का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो। लोकल फॉर वोकल के क्रियान्वयन के तहत रेडी टू ईट की व्यवस्था की गई है। सभी पात्र हितग्राहियों को प्रत्येक 15 दिवस के अंतराल से टेक होम राशन प्रदाय की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गंभीरता से अपना दायित्व पूरा करें। कोरोना संक्रमण काल में पलायन कर मप्र में आए परिवारों के पात्र हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार प्रदाय की जानकारी भी प्राप्त की।

त्रि-स्तरीय रणनीति पर हो कार्य

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग त्रि-स्तरीय रणनीति तैयार कर कार्यों का संपादन सुनिश्चित करें। तत्काल किए जाने वाले कार्य, अल्पकालीन लक्ष्य और दीर्घकालीन लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। तिमाही, छमाही और सालाना लक्ष्य बनाए जा सकते हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित पद्धति विकसित की जाए। इसे सिंगल सिटीजन डाटाबेस से भी जोड़ा जा सकता है। बेहतर मानीटरिंग सिस्टम होने से आंगनवाड़ी केन्द्रों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।

आंगनवाड़ी केन्द्रों की कमियां दूर कर उनकी उपयोगिता बढ़ाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों की कमियां दूर कर उनकी उपयोगिता बढ़ाई जाए। केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए हैण्डपम्प स्थापना और पाईप लाइन से जल प्रदाय की संभावना का अध्ययन कर व्यवस्था की जाए। जिन केन्द्रों में किचन शेड और शौचालय नहीं है, वहां इनकी व्यवस्था के लिए प्रयास हों। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री चौहान ने दिए सख्त निर्देश

सभी आंगनवाड़ी केंद्र नियमित खुलें। केन्द्र खुलने अथवा न खुलने की नियमित जानकारी भी मिल सके, ऐसी व्यवस्था की जाए। पोषण अभियान में समाज का सहयोग प्राप्त करें। आमजन को दायित्व मिलना चाहिए। प्रत्येक ग्राम की एक टीम बनाएं। बेहतर परिणाम प्राप्त करने के प्रयास हों। महिला और बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग, जिलों में स्थानीय प्रशासन और अन्य सहयोगी विभागों के साथ मिलकर पूरी तैयारी के साथ पृथक ग्राम सभाएं आयोजित की जाएं जो पोषण अभियान, स्वास्थ्य टीकाकरण का संदेश दें। विभागीय गतिविधियों की नियमित समीक्षा हो, जिससे यह जानकारी मिले कि हम कहां खड़े हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय की राशि समय पर मिले।

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