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किसान नहीं चाहते, मुख्यमंत्री मनोहर लाल पानीपत में करें ध्वजारोहण, डीसी को सौंपा ज्ञापन

भाकियू जिला प्रधान कुलदीप बलाना ने कहा कि गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है और इसमें कोई भी व्यवधान पैदा नहीं होना चाहिये। हालांकि भाकियू गणतंत्र दिवस की वजह से मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध नहीं करेगी।

Chief Minister Manohar Lal
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल 

पानीपत : भारतीय किसान यूनियन की जिला कार्यकारिणी ने गणतंत्र दिवस पर इस बार पानीपत में मुख्यममंत्री मनोहरलाल की बजाए किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा ध्वहारोहण करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

वहीं उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने भाकियू पदाधिकारियाें को आश्वासन दिया कि वे उनके ज्ञापन को जल्द ही मुख्यमंत्री को भेज देंगे। भाकियू जिला प्रधान कुलदीप बलाना ने कहा कि गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है और इसमें कोई भी व्यवधान पैदा नहीं होना चाहिए। हालांकि भाकियू गणतंत्र दिवस की वजह से मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध नहीं करेगी। वहीं पानीपत जीटी रोड बेल्ट का महत्वपूर्ण जिला है और पानीपत से 26 जनवरी को हजाराें की संख्या में पंजाब व हरियाणा के किसान अपने ट्रैक्टराें-ट्रालियों पर सवार होकर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनाें के विरोध में किसानाें में सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा है और यदि दूसरे जिलाें के किसान गणतंत्र दिवस के मौके शिवाजी स्टेडियम में पहुंचकर मुख्यमंत्री का विरोध करते हैं तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर यदि कोई भी अप्रिय घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी पानीपत जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की होगी और भाकियू का इससे कोई लेना-देना नहीं होगा। इसके मद्देनजर भाकियू की प्रदेश सरकार से मांग है गणतंत्र दिवस पर पानीपत में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पानीपत में गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यक्रम को रद्द करें और पानीपत में किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा ध्वजारोहण करवाए। डीसी धर्मेंद्र को ज्ञापन देने वालों में भाकियू नेता जयकरण कादियान, मा. ईश्वर सिंह, बिंटू मलिक, देवेंद्र जागलान, सुखबीर नौल्था, ऋषिपाल नांदल, तेजबीर जगलान नौल्था, धर्मपाल डाहर, दयानंद, जगमहेंद्र, बनवारी लाल, तेजपाल ऊझा, जयपाल कुराना, सुरेंद्र मलिक, सूरत सिंह महावटी, स्वामी अग्निवेश समेत बडी संख्या में किसान नेता उपस्थित रहे।

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