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Bihar Assembly Elections 2020: डॉ अखिलेश प्रसाद बोले - भाजपा और जदयू वचन किसानों को देती हैं, लेकिन पेट पूंजीपतियों का भरती हैं

Bihar Assembly Elections 2020: पटना में कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कई नेताओं पर जमकर निशाना साधा। वहीं डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि भाजपा व जदयू वचन तो किसानों को देती हैं। लेकिन पेट पूंजीपतियों का भरती हैं।

Bihar Assembly Elections 2020: डॉ अखिलेश प्रसाद बोले - भाजपा और जदयू वचन किसानों को देती हैं, लेकिन पेट पूंजीपतियों का भरती हैं
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Bihar Assembly Elections 2020: डॉ अखिलेश प्रसाद बोले - भाजपा और जदयू वचन किसानों को देती हैं, लेकिन पेट पूंजीपतियों का भरती हैं

Bihar Assembly Elections 2020: बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, बिहार चुनाव प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा, डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह और टीएस सिंह देव ने लोगों को संबोधित किया।

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता ने कृषि बिल को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार को जमकर कोसा। साथ ही उन्होंने संसद में पारित हुये तीनों बिल की खामियों पर भी प्रकाश डाला।

जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेता ने बिहार में उनकी पार्टी समर्थित सरकार बनने पर किसानों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी 'एमएसपी' कानून लाये जाने का वादा किया गया है। साथ ही प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेसियों द्वारा दावा किया गया कि बिहार में महागठबंधन के सभी घटक दल एकजूट हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नये कानूनों की मदद से देश के किसानों के खेतों को अपनी चहेती कंपनियों के हाथों गिरवी रखना चाहती है। कांग्रेस नेताओं ने हमला जारी रखते हुये कहा कि देश में कोरोना, सीमा पर चीन व खेती पर नरेंद्र मोदी सरकार हमलावर है। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि संसद में किसान हित की बातों को दबाया जा रहा है। इसके आलवा सड़कों पर किसानों को पीटा जा रहा है।



कांग्रेसियों ने कहा कि केंद्र सरकार के तीनों कानून में 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' के बारे में कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के मन में बेईमानी नहीं होती तो वो कानून में किसान को 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' एमएसपी देना अनिवार्य करती। साथ ही उससे कम खरीद करने पर हुये नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा किया जाना चाहिये और दोषी को सजा भी मिली चाहिये। कांग्रेसियों ने कहा कि यदि ऐसा प्रवधान कानून में सरकार द्वारा कर दिया जाए तो वे अपना आंदोलन वापस ले लेंगे।

डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि भाजपा और जदयू सरकार सब कुछ पूंजीपतियों की गोद में रखना चाहती है। इसीलिए देश की संपत्ति को बेचने वाली भारतीय जनता पार्टी किसानों के लिए नया बिल लेकर आई है। ताकि इसको भी बेच सके। अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि ये सुशासन बाबू व जुमले हैं। जो कसम तो किसानों की खाते है। लेकिन पेट अपने पूंजीपतियों मित्रों का भरते हैं।



रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि आप मन की बात तो बहुत सुन चुके अब देश के किसानों और गरीबों की बात सुन लिजिये। उन्होंने कहा कि देश में इस समय इस काले कानूनों के खिलाफ 62 करोड़ किसान, मजदूर व मंडियों में काम करने वाले लोग और करीब 250 किसान संगठन विरोध जता रहे हैं। लेकिन इन सरकारों द्वारा सभी की आवाजों को दबाया जा रहा है। कांग्रेसियों ने कहा कि भाजपा-जदयू ने मिलकर बिहार में 2006 में एपीएमसी एक्ट खत्म कर दिया था। अनाज मंडियों को खत्म कर दिया गया था। उसका परिणाम यह है कि आज बिहार के किसान बदहाल हैं। नरेंद्र मोदी सरकार का दवा है कि नये कानून से किसान देश में कहीं भी अपनी उपज बेच सकेंगे। कांग्रेसियों ने मोदी सरकार से पूछा कि बतायें इस काननू के पहले कौन कानून किसानों को ऐसा करने से रोकता था। कांग्रेसियों ने कहा कि हकीकत में उनकी मंशा में खोट है व ये गरीब व किसान विरोधी हैं।




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