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योग दिवस के मौके पर अपनी उम्र के हिसाब से जानें कौन सा योग है सही

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga day) (21 जून, 2018) के मौके पर हम महिलाओं के लिए योग के बारे में बताने जा रहे हैं। ये कुछ ऐसे योग हैं जो महिलाओं के लिए आरामदायक और लाभदायक योग हैं। कुछ लोगों का मानना है कि योग एक निश्चित आयु वर्ग के लिए ही लाभकारी होता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।

योग दिवस के मौके पर अपनी उम्र के हिसाब से जानें कौन सा योग है सही

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga day) (21 जून, 2018) के मौके पर हम महिलाओं के लिए योग के बारे में बताने जा रहे हैं। ये कुछ ऐसे योग हैं जो महिलाओं के लिए आरामदायक और लाभदायक योग हैं। कुछ लोगों का मानना है कि योग एक निश्चित आयु वर्ग के लिए ही लाभकारी होता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।

युवतियां, मध्य आयु की महिलाएं और बुजुर्ग महिलाएं भी इससे लाभ उठा सकती हैं। लेकिन कुछ ऐसे योगासन भी हैं, जो विशेष आयु वर्ग के लिए ज्यादा लाभकारी होते हैं।

योग स्वस्थ रखने की अन्य विधाओं से ज्यादा कारगर है। योग के जरिए कई जटिल बीमारियों का भी उपचार संभव है।

योग की खासियत है कि यह आपको व्यायाम की तरह थकाता नहीं है बल्कि शांत, स्थिर बनाते हुए बगैर दवाओं के रोगों से दूर रखता है।

यही कारण है कि कम उम्र की युवतियों से लेकर उम्रदराज महिलाएं भी इसका लाभ उठा सकती हैं। इससे उनका तन-मन दोनों मजबूत होते हैं।

जहां तक बात बुजुर्ग महिलाओं की है, तो योग से वे भी तमाम तरह की बीमारियों से दूर रह सकती हैं।

लड़कियों-युवतियों के लिए योग

किशोर उम्र की लड़कियों और युवतियों के लिए सूर्यासन यानी सूर्य नमस्कार एक उपयोगी योगासन है। जो युवतियां सुडौल शरीर की चाहत रखती हैं, वे उदरासन कर सकती हैं।

अपनी काया निखारने हेतु उन्हें सर्वांगासन भी करना चाहिए। इससे पूरे शरीर का व्यायाम होता है और पूरी काया में निखार आता है। युवतियों के लिए प्राणायाम करना भी काफी कारगर है। जो युवतियां कामकाजी हैं, उन्हें प्राणायाम जरूर करना चाहिए, इससे थकान दूर होती है।

मध्यवय की महिलाओं के लिए योग

35 प्लस उम्र की महिलाओं का शारीरिक गठन युवतियों से भिन्न होता है। कई बढ़ती उम्र की महिलाएं तो अपने बेडौल शरीर से काफी ज्यादा परेशान रहती हैं।

ऐसे में योगासन कर वे अपनी काया को पहले जैसा बना सकती हैं। नियमित योगाभ्यास से मोटापे से मुक्ति मिलती है। योग और प्राणायाम से अंत:स्रावी ग्रंथियों विशेषकर प्भियुष ग्रंथि और थाइरॉयड ग्रंथि की क्रियाशीलता बढ़ती है।

थाइरॉयड हार्मोन शरीर में चयापचय की दर बढ़ाता है, जिससे चर्बी कम होती है। अगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो प्राणायाम, ताड़ासन, भुजंगासन, उदराकर्षणासन, सर्वांगासन करके वजन कम कर सकती हैं।

बुजुर्ग महिलाओं के लिए योग

बुढ़ापे में शरीर काफी कमजोर हो जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर को सही आसन करके बेहतर बनाए रखा जा सकता है। बुजुर्ग महिलाओं को पश्चिमोतानासन और हस्तपादासन का 10 से 40 बार तक नित्य अभ्यास करना चाहिए। इसके अलावा मत्स्येंद्र आसन, त्रिकोणासन और ताड़ासन करना भी लाभकारी होता है। ‘

(ये रिपोर्ट योगाचार्य उदयजी से बातचीत के आधार पर बनाई गई है।)

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