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वर्किंग कपल्स एक-दूसरे के साथ ऐसे बिताएं क्वालिटी टाइम

वर्किंग कपल्स के लिए अपनी बिजी लाइफ में एक-दूसरे के लिए समय निकालना आसान नहीं होता।

वर्किंग कपल्स एक-दूसरे के साथ ऐसे बिताएं क्वालिटी टाइम
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दांपत्य-जीवन की मधुरता के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी के बीच निरंतर संवाद की स्थिति बनी रहे। लेकिन वर्किंग कपल्स के लिए अपनी व्यस्तता के बीच एक-दूसरे के लिए समय निकालना आसान नहीं होता।

साथ समय न बिताने की स्थिति में दूरियां बढ़ती हैं, कई तरह की परेशानियां, गलतफहमियां भी पैदा होती हैं, जो दांपत्य जीवन के लिए घातक हैं। बहुत जरूरी है वर्किंग कपल्स कुछ बातों का ध्यान रखें ताकि उनके दांपत्य जीवन में हमेशा मधुरता बनी रहे।

बीते कुछ सालों में वर्किंग कपल्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। दोनों काफी बिजी रहते हैं। ऐसी स्थिति में एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते, एक कम्युनिकेशन गैप आ जाता है।

इससे तरह-तरह के संशय और तनाव जन्म लेने लगते हैं। इसीलिए जरूरी है कि वर्किंग कपल्स अपनी प्रोफेशनल लाइफ को संभालते हुए पर्सनल लाइफ के लिए भी समय निकालें। अगर दोनों वर्किंग हैं तो लाइफस्टाइल में ऐसे बदलाव करने ही होंगे, जो उनके रिश्ते और प्यार को मजबूत बनाएं।

प्रोफेशनल-पर्सनल लाइफ हो अलग

सबसे पहले तो घर और दफ्तर की जिम्मेदारियों को अलग रखने की कोशिश करें। हसबैंड हो या वाइफ, दोनों ही ऑफिस का काम घर पर ना लाएं। ताकि घर लौटने पर सुकून से परिवार के साथ समय बिता सकें। जो समय उन्हें अपनी पर्सनल लाइफ को दिया जाना चाहिए, उसे प्रोफेशनल जिम्मेदारियों में ना लगाएं।

प्रॉयोरिटी की फेहरिस्त में अपनी शादीशुदा जिंदगी को हमेशा पहली जगह दें। यह तय करें कि रोजाना एक-दूसरे के साथ समय बिताएंगे ही, साथ ही ऐसे अनमोल पलों में एक-दूसरे की बातों को भी ध्यान से सुनेंगे-समझेंगे। यूं साथ जिए गए पल रिश्ते को कभी कमजोर नहीं होने देते।

दांपत्य जीवन में गलतफहमियां दस्तक नहीं देतीं। सफल शादी के लिए जरूरी है कि दंपती एक दूसरे के प्यार में बंधे रहें। इसके लिए अपनी पर्सनल लाइफ को ऑफिस के काम के तले ना दबाएं। कोशिश यही रहनी चाहिए कि अपने ऑफिस पीरियड के अलावा मिलने वाले समय को आप अपने पार्टनर के साथ ही बिताएं।

अगर आपकी शादीशुदा जिंदगी खुशहाल रहेगी तो वर्कप्लेस पर भी आप बेहतर परफॉर्म कर पाएंगे। वर्क लाइफ बैलेंस करने का फॉर्मूला अपनाना बेहद जरूरी है। थोड़ा टाइम मैनेजमेंट और थोड़ी परवाह भरी सोच, ये वर्किंग और मैरीड लाइफ के बीच बैलेंस बनाने में मददगार होंगी।

बहस नहीं सार्थक संवाद

बात चाहे फाइनेंशियल जिम्मेदारी को मिलकर उठाने की हो या सगे-संबंधियों और दोस्तों से रिश्ते निभाने की, अपने पार्टनर की बात सुनें-समझें। कभी किसी बहस में ना उलझें। क्योंकि अकसर देखने में आता है कि पति-पत्नी जब साथ समय बिताते हैं तो कई बार ऐसी बहसों में उलझ जाते हैं, जो खूबसूरत पलों को बद्सूरत बना देते हैं।

याद रखें, निजी जिंदगी में बिताए खूबसूरत पल रिश्तों की नींव को मजबूत बनाते हैं। बेवजह की बहसें रिश्ते को खोखला करती हैं, नेगेटिविटी से भरती हैं। नतीजा यह होता है कि फ्री टाइम मिलने पर भी पति-पत्नी एक दूसरे से कटे-कटे से रहते हैं। इसीलिए जब भी एक दूजे के साथ हों तो प्यार और जुड़ाव की बातें करें।

बेवजह के जवाब-तलब करके अपने खूबसूरत पलों को गवाएं नहीं। वर्किंग कपल्स को साथ समय बिताने का वक्त बहुत मुश्किल से मिलता है। इसमें बच्चों की बेहतरी को लेकर प्लान्स बनाएं। अपने रिश्ते को खुशहाल बनाए रखने की सोचें।

थोड़ी बहुत नोक-झोंक तो जायज है लेकिन ऐसी बातों में ना उलझें, जो रिश्तों में दरार लाए। सार्थक संवादों से एक-दूजे के प्रति विश्वास पक्का होता है। इस भरोसे को पुख्ता करता है कि हर परिस्थिति में हम एक दूजे के साथ खड़े हैं।

करें एक-दूसरे का सम्मान

अपनी शादी के रिश्ते में कभी टेकन फॉर ग्रांटेड जैसी स्थिति ना आने दें। अगर आपका साथी अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारियों से समय निकालकर आपके साथ समय बिताना चाहे तो उसकी भावनाओं का आदर करें, खुद भी समय निकालें। पति-पत्नी को एक दूसरे की भावनाओं को लेकर संवेदनशील होना चाहिए।

दोनों कामकाजी हैं तो यह संवेदनशीलता और भी जरूरी है। क्योंकि भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ लम्हे खुद के लिए निकालना आसान नहीं है। इसीलिए जो समय निकाल रहा है, उसे कमतर ना आकें बल्कि यह समझें उसे इस वैवाहिक रिश्ते की खूबसूरती और जुड़ाव को बचाए रखने की चिंता है।

ऐसे भाव के साथ अपने साथी संग क्वालिटी टाइम बिताने से आप ज्यादा नजदीक आ पाएंगी। आप इस रिश्ते को सही मायने में जी सकेंगी। रिश्ते में नयापन और प्रेम बना रहेगा। वरना रोजमर्रा की भागम-भाग और जिम्मेदारियों का बोझ जिंदगी को नीरस बना देगा।

गैजेट्स को ना, गपशप को हां

जब भी समय मिले दंपती बैठें और बिताएं। कभी अकेले में एक-दूसरे से मन की कहें और सुनें भी। कभी बच्चों को भी बातचीत का हिस्सा बनाएं। सोशल मीडिया पर बिजी होने के बजाय अपने रिश्ते के तकाजे को जाने-समझें। आजकल देखने में आता है कि पति-पत्नी ऑफिस से घर लौटने के बाद भी अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप में ही उलझे रहते हैं।

बच्चे वीडियो गेम्स या दूसरे ऑनलाइन गेम्स में खोए रहते हैं। अगर रिश्तों को समय देना है तो स्क्रीन से दूरी बनाएं। ऐसी टेक्नोलॉजी किस काम की, जो दुनिया से जोड़कर अपने साथी से ही दूर कर दे। घर में हैं तो पूरे टाइम ऑनलाइन रहने की आदत छोड़ें। शादीशुदा जिंदगी को खुशहाल रखने के लिए आभासी संसार से दूरी जरूरी है। साथ बैठकर गपशप करें और बातों ही बातों में एक-दूसरे के लिए अपना प्यार जाहिर करें।

अगर आप गैजेट्स में ही खोए रहेंगे तो साथ रहकर भी दूर रहने जैसी स्थिति बन जाएगी। इसीलिए अपने साथी की परवाह करना सीखें, क्योंकि यह जीवन-भर का साथ है। कभी न भूलें कि वर्चुअल संसार बनावटी है। अपनी असली दुनिया में अगर वर्किंग कपल्स साथ बैठकर बतियाते हैं तो इससे वैवाहिक जीवन मधुर और खुशहाल बनेगा।

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