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जानें क्या है ''किचन पेनकिलर्स'', जो दे हर बीमारी को मात

जरूरी नहीं कि हल्के-फुल्के दर्द में भी पेन किलर खाई जाए। आप अपने किचेन में मौजूद कुछ चीजों का इस्तेमाल भी पेनकिलर के रूप में कर सकते हैं। इनके बारे में जानिए।

जानें क्या है किचन पेनकिलर्स, जो दे हर बीमारी को मात
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बहुत सारे अनुसंधानों और अध्ययनों में दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट, पेनकिलर्स को सेहत के लिए नुकसानदायक बताकर इनका कम से कम इस्तेमाल करने की सलाह देते रहते हैं। पेनकिलर्स के बेतहाशा इस्तेमाल से मस्तिष्क, रक्तचाप और गुर्दों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।

इसलिए अगर आप जरा से दर्द पर पेनकिलर दवाओं का प्रयोग करते हैं तो एलर्ट हो जाएं। बेहतर होगा कि दर्द कम करने के लिए आप कुछ कुदरती उपाय आजमाएं। दर्द हरने वाली कई चीजें तो आपके रसोईघर यानी किचेन में ही मिल जाएंगी...

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अदरक: इनफ्लेमेशन दूर करने में अदरक का कोई जवाब नहीं। आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा पेनकिलर के रूप में इसका इस्तेमाल लंबे समय से हो रहा है। आर्थराइटिस, मसल्स पेन, छाती में दर्द, मेंस्ट्रुअल पेन आदि के लिए अदरक का सेवन काफी फायदेमंद होता है।

कॉफी: कॉफी में मौजूद कैफीन दर्दनिवारक का काम करता है। असल में इसके सेवन से सेंसिटिविटी कम हो जाती हैं, जिससे दर्द कम महसूस होता है। विशेष रूप से माइग्रेन के दर्द में एक कप कॉफी पीना काफी राहत देने वाला साबित हो सकता है।

लौंग: लौंग में मौजूद यूजेनॉल नामक केमिकल एनेस्थेटिक होता है। इसी वजह से दांत या मसूड़ों में किसी प्रकार का दर्द हो, तो लौंग दबाने या लौंग का तेल लगाने से दर्द में आराम मिलता है। इसे लगाने के बाद आपको ठंडक और सुन्नता का अहसास होगा।

दही: पेट दर्द, मरोड़, गैस, पेट में प्रदाह आदि से छुटकारा पाने के लिए दही बिल्कुल सही उपाय है। दही में प्रोबायोटिक्स यानी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया होते हैं। रोजाना दही के सेवन से पाचन शक्ति सही रहती है और पेट में किसी प्रकार की पाचन संबंधी बेचैनी या दर्द महसूस हो तो आराम मिलता है।

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हल्दी: हल्दी एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल तो मानी ही जाती है। इसके प्रयोग से दर्द का इलाज भी संभव है। मसल्स पेन, क्रॉनिक पेन बैक पेन और दांतों के दर्द में इसे फायदेमंद माना गया है। साथ ही इसे प्रदाहनाशक भी माना गया है।

नमक: पैरों में चोट या दर्द हो तो नमक मिले गर्म पानी में पैर डुबाकर बैठने से राहत मिलती है। कई बार नमक के पानी सं सिंकाई करने की सलाह भी दी जाती है। सैलाइन सॉल्यूशन का प्रयोग न सिर्फ दर्द निवारक के रूप में बल्कि कई प्रकार से औषधि के रूप में किया जाता है।

पिपरमिंट: सिरदर्द के लिए आप जो बाम लगाते हैं, उसमें पिपरमिंट मौजूद रहती है। पिपरमिंट मसल्स पेन, दांत दर्द, सिरदर्द और स्नायुजनित दर्द में चमत्कारिक रूप से आऱाम देती है। साथ ही इसका सेवन हाजमे की समस्या और पेट दर्द का भी निदान करता है।

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