Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Summer Holiday Tips : गर्मियों में घूमने की सबसे बेस्ट जगह, जन्नत से कम नहीं ये तीन टूरिस्ट प्लेस

Summer Holiday Tips : गर्मी की छुट्टियों में आप भी अपने परिवार के संग कहीं घूमने जाने का प्लान जरूर बना रही होंगी। अगर डिसाइड नहीं कर पा रही हैं कि कहां जाना चाहिए तो हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे स्थानों के बारे में, जहां आप ही नहीं आपकी पूरी फैमिली एंज्वॉय करेगी। जानिए, कुछ ऐसे ही स्थानों के बारे में।

Summer Holiday Tips : गर्मियों में घूमने की सबसे बेस्ट जगह, जन्नत से कम नहीं ये तीन टूरिस्ट प्लेस

Summer Holiday Tips : आपके बच्चों की समर वैकेशंस शुरू होने वाली हैं। इन दिनों आप वैकेशंस को एंज्वॉय करने की प्लानिंग कर रही होंगी। अपनी फैमिली साथ समर वैकेशंस को यादगार बनाना चाहती हैं तो फिर ऐसे डेस्टिनेशन का सेलेक्शन करें, जहां न सिर्फ फैमिली एंज्वॉय करे, साथ ही आप सबको कुछ नया देखने और जानने को भी मिले।

पंचमढ़ी, मध्य प्रदेश

पंचमढ़ी, मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत जगह है। यह स्थान सतपुड़ा पर्वत श्रेणी में आता है और इसे 'सतपुड़ा की रानी' भीकहा जाता है। इसके चारों तरफ हरे-भरे जंगल हैं, ऊंचे पहाड़ हैं, खबसूरत जलप्रपात हैं और घने जंगलों में दुर्गम जगहों पर मंदिर भी हैं। यह जगह समुद्र तल से लगभग 1100 मीटर की ऊंचाई पर है, इसलिए मौसम आमतौर पर बहुत सुहावना रहता है।

यहां खूबसूरत वाटरफॉल्स, शांत कलकल बहती नदी, खूबसूरत घाटियां हैं। इस स्थल का पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व भी है। मान्यता है कि पचमढ़ी या पंचमढ़ी पांडवों की पांच गुफाओं से बना है। कहा जाता है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान ज्यादा समय यहीं बिताया था। यहां देखने लायक जगहों में धूपगढ़ सतपुड़ा रेंज का सबसे ऊंचा प्वाइंट है। इसे सनराइज और सनसेट प्वाइंट के नाम से भी जाना जाता है।

इसके अलावा, चारुगढ़, पांडव गुफाएं, सिल्वर फॉल, बी-फॉल (मशहूर पिकनिक स्पॉट),लिटिल फॉल, डचेस फॉल और महादेव मंदिर देखने लायक हैं। सड़क मार्ग से पंचमढ़ी, भोपाल और इंदौर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। भोपाल के हबीबगंज बस टर्मिनल से पचमढ़ी के लिए बसें चलती हैं, जो 5-6 घंटे में पचमढ़ी पहुंचती हैं। पंचमढ़ी पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया है, जो करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप हवाई मार्ग से जाना चाहती हैं तो भोपाल और नागपुर यहां से नजदीकी एयरपोर्ट हैं।

मोरनी, हरियाणा

दिल्ली से सटे हरियाणा में स्थित मोरनी एक खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट है। यह सिर्फ नेचर लवर्स को ही नहीं बल्कि एडवेंचर लवर्स को भी अट्रैक्ट करता है। समुद्र तल से 3600 फीट की ऊंचाई पर यह जगह बोटिंग, ट्रैकिंग, और कैंपिंग के लिए परफेक्ट है। शिवालिक की पहाड़ियों पर स्थित मोरनी में पुराना ऐतिहासिक किला और मोरनी से नौ किलोमीटर दूरी पर स्थित टिक्कर ताल यहां का मुख्य आकर्षण है।

अगर बच्चों के साथ जा रही हैं, तो यहां एक एडवेंचर थीम पार्क भी है। यहां से दिल्ली की दूरी ज्यादा नहीं है। आप पांच-छह घंटे में यहां पहुंच सकते हैं।पहाड़ियों में बसी मोरनी में तरह-तरह के जानवर, पक्षी और घने जंगलों को देखकर मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रहा जा सकता। मोरनी, पंचकुला से करीब 35 किलोमीटर दूर है। यहां की सुखना झील भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है।

इसके अलावा सैलानी पाइन ट्रैक, रिवर ट्रैक और टीकर ताल ट्रैक में ट्रैकिंग और रिवर वैली में राफ्टिंग का मजा ले सकते हैं। यहां पर 10वीं शताब्दी में बनाएक खूबसूरत मंदिर है, जो छोटे ताल गांव में स्थित है। यहां एक प्राचीन किला भी है, जो नाहन वंश के राजा ने बनवाया था। मोरनी पहुंचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन कालका और चंडीगढ़ हैं। दिल्ली से कालका और चंडीगढ़ के लिए रोजाना कई रेलगाड़ियां, बसें चलती हैं। मोरनी जाने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा चंडीगढ़ है।

जिम कार्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड

बच्चों के साथ कहीं जाने की प्लानिंग कर रही हैं तो फिर जिम कार्बेट नेशनल पार्क एक परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। यह भारत के सबसे पुराने नेशनल पार्क में से एक है। दिल्ली से इसकी दूरी भी बहुत ज्यादा नहीं है। उत्तराखंड के नैनीताल के पास हिमालय की पहाड़ियों पर इस स्थित इस पार्क की दिल्ली से दूरी करीब 260 कि.मी. है। रामनगर रेलवे स्टेशन से यह करीब 15 कि.मी. की दूरी पर है।

सड़क और रेल मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। करीब 520 स्क्वायर कि.मी. क्षेत्र में फैला यह पार्क दुर्लभ वन्य जीवों और वनस्पतियों के लिए मशहूर है। साल 1936 में इसे हैली नेशनल पार्क के रूप में स्थापित किया गया था। 1957 में इस पार्क का नाम बदलकर जिम कार्बेट नेशनल पार्क कर दिया गया। सबसे पहले यहीं पर टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत 1973 में हुई थी।

यही वजह है कि बाघ को देखने की चाहत रखने वाले प्रकृति प्रेमी यहां खिंचे चले आते हैं। इसके अलावा, हाथी, पैंथर, जंगली बिल्ली, फिशिंग कैट्स, हिमालयन कैट्स, हिमालयन भालू, स्लोथ बीयर, हिरन, हॉग डियर, बार्किंग डियर, घोरल, जंगली बोर, पैंगोलिन, भेड़िए भी यहां देखे जा सकते हैं। कार्बेट में लगभग 650 पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। वाइल्ड लाइफ सफारी के लिए अलग-अलग जोन भी बनाए गए हैं, जैसे बीजरानी, झिरना, ढेला,धिकाला, दुर्गा देवी और सिताबनी बफर जोन।

लेखक - लता कुमारी

Share it
Top