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रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण,कारण और उपचार, जानें क्या है ये

आपने अक्सर लोगों को कुर्सी या सोफे पर बैठकर अपने पैर हिलाते हुए जरूर देखा होगा। ऐसा लोग अक्सर पैरों में दर्द या पैरों में झनझनाहट महसूस करने पर करते हैं। बार-बार पैर हिलाने की वैसे तो कई लोगों की आदत होती है। लेकिन आमतौर पर पैर हिलाने की आदत को बुरा माना जाता है।

रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण,कारण और उपचार, जानें क्या है ये

आपने अक्सर लोगों को कुर्सी या सोफे पर बैठकर अपने पैर हिलाते हुए जरूर देखा होगा। ऐसा लोग अक्सर पैरों में दर्द या पैरों में झनझनाहट महसूस करने पर करते हैं। बार-बार पैर हिलाने की वैसे तो कई लोगों की आदत होती है। लेकिन आमतौर पर पैर हिलाने की आदत को बुरा माना जाता है।

आपको बता दें कि कई बार लोग रेस्टलेस लेग सिड्रोंम से बचने के लिए अपने पैरों को रात के वक्त भी हिलाते हैं जिससे उनकी नींद टूट जाती है और ऐसा लगातार होने पर अनिद्रा जैसी गंभीर बीमारी का भी शिकार होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए आज हम आपको बता रहें हैं रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण,कारण और उपचार...

रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के लक्षण

आपको बता दें कि कहीं भी लेटने और बैठने पर पैरों में झनझनाहट अचानक से खुजली होना या पैर पर किसी कीड़े के रेंगने की फीलिंग होना । हमारे पैरों की तंत्रिका तंत्र की बीमारी को दर्शाता है। इसे रेस्टलेस लेग सिड्रोंम कहा जाता है ।

रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के कारण

आपको बता दें कि अभी तक इस बीमारी के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है। लेकिन एक शोध में इसे आनुवांशिक बीमारी के रूप में पाया गया है। क्योंकि जिस घर के लोगों को ये समस्या पहले से होती है। 70 फीसदी उनके बच्चों में इस बीमारी के लक्षण साफ तौर पर देखें जा सकते हैं।

रेस्टलेस लेग सिड्रोंम का असर

इस बीमारी के लगातार बने रहने पर लोगों में अनिद्रा, चिड़चिड़ापन,सिरदर्द और फोकस की कमी प्रमुखता से पाई जाती है ।

रेस्टलेस लेग सिड्रोंम के उपचार

1. लंबे समय तक एक जगह पर बैठने से बचें।
2. विटामिन बी,आयरन,फोलेट और मैग्नीशियम वाले आहार का सेवन करें।
3. रोजाना एक्सरसाईज़ और वॉक के अलावा साईकिल जरूर चलाएं ।
4. कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लें।
5. रोजाना पैरों की मसाज करें ।
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