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दोस्ती का रिश्ता बन जाएगा अटूट

फ्रेंडशिप-डे चाहे एक दिन का सेलिब्रेशन हो लेकिन दोस्ती निभाना हर दिन की हमारी जिम्मेदारी है, तभी यह रिश्ता अटूट बनता है। हमारे दोस्त, सहेलियां अगर हमारे जीवन को बेहतर बनाने में मददगार बनते हैं तो हमें भी उनकी परवाह करनी चाहिए, उनका सपोर्ट सिस्टम बनना चाहिए। जानिए, किस तरह आप अपने दोस्तों के लिए कुछ स्पेशल कर सकती हैं।

दोस्ती का रिश्ता बन जाएगा अटूट
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दोस्ती का रिश्ता बन जाएगा अटूट (फाइल फोटो)

साल 2020 के बीते कुछ महीने मुश्किल भरे रहे हैं। कोरोना महामारी ने कई लोगों के मन को निराशा, हताशा से भर दिया है। लेकिन इस मुश्किल दौर में भी हमारे दोस्त, सहेलियां हमारा संबल बने रहे। जब दोस्त हमारे लिए इतने अहम हैं तो ऐसे में अपने दोस्तों के लिए हमारे भी कुछ फर्ज बनते हैं, जिन्हें हमें निभाना चाहिए। इस तरह हम अपने दोस्ती के रिश्ते को और मजबूत भी बना सकते हैं।

दोस्तों के मन की बात जानें

किसी की जिंदगी के बारे में ज्यादा जानने की कोशिश करना अच्छा नहीं माना जाता, लेकिन जब बात दोस्तों, सहेलियों की हो तो ऐसा करना बुरी बात नहीं। हमें उनकी खोज-खबर लेते रहनी चाहिए। कहीं वे किसी नकारात्मक मन:स्थिति, आर्थिक संकट या विपरीत परिस्थितियों से तो नहीं गुजर रहे हैं। अगर आपको जरा भी अंदेशा हो कि आपकी सहेली के मन या जीवन में कोई उथल-पुथल चल रही है तो उससे बात जरूर करें। हो सकता है वह आसानी से आपके सामने अपना मन ना खोले लेकिन लगातार कोशिश करने पर अपनी परेशानी जरूर शेयर करेगी। आप सहेली की परेशानी का हल निकालने में मदद कीजिए और उसके जीवन में फिर से खुशियां भरने में सहायक बनिए।

सॉरी-थैंक्यू कहना भी जरूरी

अकसर यह बात कही जाती है कि फ्रेंडशिप में नो सॉरी, नो थैंक्यू। लेकिन यह बात सही नहीं है। सॉरी, थैंक्यू जैसे शब्दों के जरिए हम अपनी फीलिंग्स आसानी से सामने वाले शख्स को बता पाते हैं। याद कीजिए, कभी ऐसा भी हुआ होगा कि आपकी मामूली-सी परेशानी सुलझाने के लिए दोस्त या सहेली अपना सारा काम छोड़कर आपके पास आई होगी। उस समय चाहे आपको लगा हो कि थैंक्यू कहने की जरूरत नहीं थी, लेकिन आपका थैंक्यू कह देना भर सहेली के लिए बड़ी बात बन जाती। इस कोरोना काल में जब हर कोई परेशान है। हो सकता है कि कभी जाने-अनजाने आपके मुंह से कुछ कड़वा दोस्तों या सहेलियों के लिए निकल गया हो, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया होगा। लेकिन आप गिल्टी फील कर रही हैं, तो ऐसे में सबसे पहले सॉरी बोल दें। इससे आपको भी सुकून मिलेगा और दोस्त को भी अच्छा लगेगा।

उनके तोहफे की अहमियत जताएं

आपने आम से लेकर खास मौकों पर अपनी सहेलियों को तोहफे दिए भी हैं, उनसे पाए भी हैं। कोई दोस्त जब आपको तोहफा देता है, तो बहुत सोच-समझ कर, पसंद-नापसंद और जरूरत को ध्यान में रखते हुए देता है। फिर बरसों बाद उनके दिए हुए तोहफे को दिखाकर आप कहती हैं, 'देखो! तुम्हारा यह तोहफा मुझे कितना प्यारा है, कितना पसंद है, इसे मैंने आज भी संभाल कर रखा है, यह मेरे कितने काम आता है।' यही बात आपके दोस्त, सहेलियां भी कहें तो आपको कितनी खुशी मिलेगी, उसे बयां नहीं किया जा सकता है।

इस फ्रेंडशिप-डे पर जब आप कोरोना के चलते अपने दोस्तों से मिल नहीं सकती हैं, पार्टी नहीं कर सकती हैं, ऐसे में दोस्तों के दिए तोहफे निकाले, उन्हें सजाएं और वीडियो कॉल पर अपने दोस्तों को दिखाएं। आपके ऐसा करने से उन्हें इस मुश्किल समय में मुस्कुराने की वजह मिलेगी।

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दोस्त के परिवार का रखें ख्याल

माना दोस्ती का रिश्ता सिर्फ दोस्त से होता है। लेकिन दोस्त, सहेलियों का परिवार कब आपका बन जाता है, पता ही नहीं चलता। हम अपने दोस्त के परिवार के सदस्य बन जाते हैं और दोस्त हमारे परिवार के। इसलिए हमारी जिम्मेदारी सिर्फ दोस्त के प्रति ही नहीं है बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए भी है। जैसे आपकी दोस्त शहर में नहीं है, अपने परिवार के पास नहीं है, तो उनके माता-पिता की देखभाल आप कीजिए, उनके छोटे भाई-बहनों का हौसला बनिए। ऐसा करने से आपकी दोस्ती और भी गहरी होगी, यह रिश्ता ताउम्र बना रहेगा।

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