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डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्लीडिंग के कारण अब नहीं होगी महिला की मौत, ये दवा बचाएगी जान

हर शादीशुदा महिला गर्भावस्था के दौर से गुजरती है। कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद कोई दिक्कत नहीं होती, जबकि कुछ महिलाओं की डिलीवरी मौत के मुंह के पास लाकर खड़ी कर देती है। कभी-कभार तो सिचुएशन ऐसी हो जाती है कि मां और बच्चे में से किसी एक को ही बचाया जा सकता है।

डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्लीडिंग के कारण अब नहीं होगी महिला की मौत, ये दवा बचाएगी जान

हर शादीशुदा महिला गर्भावस्था के दौर से गुजरती है। कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद कोई दिक्कत नहीं होती, जबकि कुछ महिलाओं की डिलीवरी मौत के मुंह के पास लाकर खड़ी कर देती है। कभी-कभार तो सिचुएशन ऐसी हो जाती है कि मां और बच्चे में से किसी एक को ही बचाया जा सकता है।

इतना ही नहीं कुछ महिलाओं की डिलीवरी के बाद होने वाली ज्यादा ब्लीडिंग के कारण मौत भी हो जाती है। ऐसे में एक नई दवा का आविष्कार किया गया है, जो प्रसव के बाद महिलाओं के ज्यादा खून बहने को रोकने में मददगार साबित होगी।

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विशेषज्ञों की मानें तो काबेर्टोसिन दवा के नए फार्मूले की मदद से कई महिलाओं की जिंदगियां बचाई जा सकती है। इसकी पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तमाम परीक्षण, जो अलग-अलग 10 देशों में हुए के बाद हुई है।

वर्तमान समय में WHO बच्चे के जन्म के बाद महिला को होने वाले ज्यादा रक्तस्राव को रोकने के लिए ऑक्सीटोसिन की सिफारिश करता है। लेकिन ऑक्सीटोसिन 2-8 डिग्री सेल्सियस पर ही स्टोर और ट्रांसपोर्ट की जानी चाहिए। यही वजह है कि इसे हर देश में महिलाओं को पहुंचाना मुश्किल है। ज्यादा तापमान के संपर्क में आने पर ये दवा बेअसर हो जाती है।

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ये रिपोर्ट न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित की गई थी। शोध में इस बात की पुष्टि हो गई कि काबेर्टोसिन भी ऑक्सीटोसिन की तरह काम करेगी, लेकिन यह गर्म जगहों पर भी असरदार साबित होगी। इसके नए फार्मूले के कारण इसे ठंडा रखने की कोई जरूरत नहीं है।

इस शोध के सफल परीक्षण के बाद WHO के महानिदेशक टेडरोस एडहानोम गेबेरियस ने कहा कि यह एक बड़ी सफलता है। साथ ही इससे कई महिलाओं की जिंदगियां बचाई जा सकती है।

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