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ये हैं गर्भावस्था से जुड़े अजीबो-गरीब मिथक, जानें इनके पीछे की सच्चाई

गर्भावस्ता यानि प्रेग्नेंसी से जुड़े कई सारे मिथक सदियों से चले आ रहे हैं। इन मिथकों के पीछे की सच्चाई से अंजान लोग इन्हें न सिर्फ मानते हैं बल्कि गर्भवती महिला को फॉलो करने की सलाह भी देते हैं। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो घर का हर सदस्य उसका विशेष ख्याल रखने लगता है।

ये हैं गर्भावस्था से जुड़े अजीबो-गरीब मिथक, जानें इनके पीछे की सच्चाई

गर्भावस्ता यानि प्रेग्नेंसी से जुड़े कई सारे मिथक सदियों से चले आ रहे हैं। इन मिथकों के पीछे की सच्चाई से अंजान लोग इन्हें न सिर्फ मानते हैं बल्कि गर्भवती महिला को फॉलो करने की सलाह भी देते हैं। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो घर का हर सदस्य उसका विशेष ख्याल रखने लगता है।

गर्भ में पल रहे शिशु स्वस्थ हो इसके लिए उसे तमाम तरह की चीजें खाने की सलाह दी जाती है।

शिशु के जन्म से पहले ही लोग महिला की हेल्थ और आकार को देखते हुए न जाने क्या-क्या अनुमान लगाने लगते हैं।

ऐसे में हम आपको प्रेग्नेंसी से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई के बारे में बताने जा रहे हैं।

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प्रेग्नेंसी से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई

मिथक 1- गर्भवती महिला का पेट आगे की ओर बढ़ना मतलब लड़का होगा

सत्य- यह एक गलत धारणा है। लड़का होगा या लड़की ये महिला के पेट के आकार पर निर्भर नहीं करता है। महिला के पेट का आकार बच्चे के विकास पर निर्भर करता है। कई बार मोटापे से ग्रस्त महिलाओं का पेट इस तरह बढ़ता है।

मिथक 2- गर्भवती महिला को एक करवट पर नहीं लेटना चाहिए।

सत्य- ऐसा कोई जरूरी नहीं है। गर्भवती महिला को जिस पोजिशन में सोना सही लगे वह उस पोजिशन में सो सकती है। कई विशेषज्ञों की मानें तो बाई तरफ करवट लेकर सोने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और बच्चे का विकास भी अच्छे से होता है।

मिथक 3- प्रेग्नेंसी में ज्यादा सोने वाली महिला को लड़की होती है।

सत्य- प्रेग्नेंसी के दौरान महिला में कई तरह के हार्मोनल चेंजेस होते रहते हैं, जिसकी वजह से महिला को जल्दी थकान हो जाती है और उसे नींद आती है। ज्यादा सोना या कम सोने का लड़का या लड़की से कोई कनेक्शन नहीं है।

मिथक 4- प्रेग्नेंसी में दही नहीं खाना चाहिए। दही खाने से बच्चे पर सफेद परत जम जाती है।

सत्य- प्रिमैच्योर डिलीवरी होने पर बच्चे के शरीर पर सफेद परत नजर आती है, जिसे लोग दही की सफेद परत समझ लेते हैं। दरअसल, बच्चे की सुरक्षा के लिए शरीर पर सफेद परत होती है, जो बच्चे के विकास के साथ खत्म होती जाती है।

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मिथक 5- डिलीवरी से पहले भरपेट खाना खाकर जाना चाहिए।

सत्य- लेबर पेन होने पर महिला को भरपेट खाना खाकर नहीं जाना चाहिए। हल्का खाना बेहतर रहता है। भर पेट खाना खाने से उल्टी होना, सांस नली में खाना फंसने का खतरा रहता है।

मिथक 6- नारियल खाने से बच्चा गोरा होता है।

सत्य- प्रेग्नेंसी के दौरान नारियल खाने से बच्चे के रंग पर कोई असर नहीं पड़ता है। पौष्टिकता की पूर्ति के लिए आप गर्भवती महिला को नारियल खाने की सलाह दे सकते हैं।

मिथक 7- घी खाने से डिलीवरी आसानी से होती है।

सत्य- घी खाना और डिलीवरी का कोई कनेक्शन नहीं है। प्रेग्नेंसी में आवश्यकतानुसार ही घी खाएं।

मिथक 8- गर्भवती महिला को दो के लिए खाना चाहिए

सत्य- आपको अपने शिशु के विकास के लिए थोड़ा ज्यादा खाना का सेवन करना चाहिए। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप दिन भर कुछ खाते रहें या हमेशा अपने पेट को भरा रखें। प्रेग्नेंसी में स्वस्थ और बैलेंस्ड डाइट लेनी चाहिए ओवर डाइट नहीं। प्रेग्नेंसी में ज्यादा एनर्जी नहीं बल्कि ज्यादा प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन की जरूरत होती है।

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