Web Analytics Made Easy - StatCounter
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

International Yoga Day: बदलते मौसम में बीमारियों से बचाता है योग, जानें कैसे

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2018) (International Yoga Day) के लिए तैयारियां जोरो शोरों से हो रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2018 का प्रमुख कार्यक्रम देहरादून में होगा। मानसून के मौसम में जहां बारिश की बूंदों से मौसम खुशनुमा बन जाता है। वहीं बदलते मौसम में अनेक बीमारियों को आमंत्रण भी मिल जाता हैं।

International Yoga Day: बदलते मौसम में बीमारियों से बचाता है योग, जानें कैसे

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2018) (International Yoga Day) के लिए तैयारियां जोरो शोरों से हो रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2018 का प्रमुख कार्यक्रम देहरादून में होगा। मानसून के मौसम में जहां बारिश की बूंदों से मौसम खुशनुमा बन जाता है। वहीं बदलते मौसम में अनेक बीमारियों को आमंत्रण भी मिल जाता हैं।

इस दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी हो जाता है। योग एक ऐसा माध्यम है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के आपके अंदर पनप रही बिमारियों को जड़ से निकाल फेंकता है।

ऐसे में बारिश में होने वाली समस्याओं जैसे एसिडिटी, हाई ब्लडप्रेशर, सांस की समस्याएं, माइग्रेन, अवसाद समेत अन्य समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

चूंकि मौसम में बदलाव के कारण पेट की समस्या, मानसिक समस्या खास कर बुजुर्गों में कॉमन होती है। ऐसे में आइए जानते हैं मानसून के मौसम में बुजुर्गों के लिए उपयोग योग और उससे होने वाले फायदे

कपाल भाती योगासन

कपाल धाती योगा करने से आपको श्वास की सभी समस्याओं से फायदा होगा। साथ ही साथ आपको पेट की सभी समस्याओं से निजात मिलेगा। यह प्राणायाम आपके चेहरे की झुर्रियों और आंखों के नीचे का कालापन हटाकर चेहरे की चमक बढ़ाता है।

दांतों और बालों के सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं। शरीर की चर्बी कम होती हैं। कब्ज, गैस, एसिडिटी की समस्या में लाभदायक है। शरीर और मन के सभी प्रकार के नकारात्मक तत्व और विचार मिट जाते हैं। अगर आपको रक्तचाप की समस्या है तो आप इस व्यायाम को न करें।

भ्रामरी प्रणायाम योगासन

इसे करने से मन शांत होता है और तनाव दूर होता है। मन इस ध्वनि के साथ बंध सा जाता हैं, जिससे मन की चंचलता समाप्त होकर एकाग्रता बढ़ने लगती है।

यह मस्तिष्क के अन्य रोगों में भी लाभदायक हैं। इससे हृदय और फेफड़े सशक्त बनते हैं। उच्च-रक्तचाप सामान्य होता है। आपको माइग्रेन की समस्या है तो आप इस योग को कर सकते हैं आपको इससे काफी फायदा मिलेगा।

शशकासन योगासन

हृदय रोगियों के लिए यह आसन लाभदायक है। यह आसन पेट, कमर व कूल्हों की चर्बी कम करके आंत, यकृत, अग्नायए व गुर्दों को बल प्रदान करता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव, क्रोध, चिड़चिड़ापन आदि मानसिक रोग भी दूर हो जाते हैं।

इस आसन को करने से रक्त संचार आपके मस्तिष्क की तरफ होता है। इससे माइग्रेन और एन्जाइटी में बहुत फायदा होता है। अगर आपको डिप्रेशन की समस्या है तो आप इस योग को कर सकते हैं।

शयन पाद योगासन

इस आसन के नियमित अभ्यास से मोटापा दूर होगा और पाचन तंत्र संबंधित रोग दूर होंगे। यह आसन मधुमेह रोग को दूर करने में भी लाभदायक सिद्ध होगा।

इससे तोंद हट जाएगी और आपका पेट पहले वाली स्थिति में होगा। इससे पेट की मांसपेशियां मजबूत होगी और कमजोर आंतों को भी शक्ति मिलेगी।

शीर्षासन योगासन

इससे पाचनतंत्र को लाभ मिलता हैं। इससे मस्तिष्क का रक्त संचार बढ़ता है, जिससे की स्मरण शक्ति बढ़ती है। कब्ज आदि रोगों को दूर करता है।

असमय बालों का झड़ना एवं सफेद होना दूर करता हैं। बरसात में कब्ज की समस्या भी काफी बढ़ जाती हैं। इसके लिए यह योग बहुत ही उपयोगी है।

सावधानियां

  • योगा हमेशा अनुभवी योगाचार्य के सानिध्य में करना चाहिए।
  • योगा करने से चार घंटे पहले भोजन करना चाहिए।
  • योगा करने के लिए आपको आरामदेह कपड़ा पहनना चाहिए आप को ध्यान देना चाहिए कि आप जहां योगा करने जा रहे है।
  • वहां की हवा का शुद्ध होनी बहुत ही जरूरी है।
  • अगर कमर में दर्द है तो आगे की तरफ नहीं झुकना चाहिए।
  • ऑपरेशन हुआ है तो पीछे की तरफ नहीं झुकना चाहिए।

यह रिपोर्ट योग गुरु सोहित शास्त्री से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है।

Next Story
Share it
Top