Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

खुशखबरी: खतरनाक स्वाइन फ्लू से बचने के लिए करें ये उपाय

स्वाइन फ्लू से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है एच1एन1 वायरस के संपर्क में आने से बचकर रहना।

खुशखबरी: खतरनाक स्वाइन फ्लू से बचने के लिए करें ये उपाय
X
नई दिल्ली. इन दिनों देश के कई हिस्सों में काफी लोगों को स्वाइन फ्लू ने अपनी चपेट में ले रखा है। दिन-पर-दिन इसके मरीजों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। इस साल अब तक इस बीमारी से 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 13 हजारलोगों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। जानिए, स्वाइन फ्लू से जुड़ी कुछ इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन के बारे में।
स्वाइन फ्लू सूअरों में होने वाली एक इंफेक्टिव डिजीज है, जो उनके रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित करती है। यह बीमारी वायरस एच1एन1 से इंफेक्टेड होने पर फैलती है। वैसे तो यह बीमारी सूअरों में ही पाई जाती है, लेकिन सूअर के सीधे संपर्क में आने पर यह मनुष्यों में भी फैल जाती है। वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, एच1एन1 वायरस अब केवल सूअरों तक ही सीमित नहीं रहा है बल्कि, इसने इंसानों के बीच फैलने की क्षमता भी हासिल कर ली है। ऐसा होने के पीछे इस वायरस का बार-बार अपना शेप बदलना है। इसी वजह से फ्लू के वैक्सीन का भी इस वायरस पर कोई खास असर नहीं होता है।
नाक का लगातार बहना, छींक आना, नाक बंद होना, लगातार खांसी आना, गले में खराश होना, बुखार आना, दवा खाने के बाद भी बुखार का कम नहीं होना, शरीर में दर्द या अकड़न महसूस होना, सिर में तेज दर्द होना, सुस्ती महसूस होना, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना आदि स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं।
टेस्ट-ट्रीटमेंट
स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आने पर पीसीआर (पॉलिमरेज चेन रिएक्शन) टेस्ट करवाएं। टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने का मतलब है कि आप एच1एन1 वायरस से इंफेक्टेड हैं। तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाएं। बीमारी की पुष्टि हो जाने पर डॉक्टर टेमीफ्लू मेडिसिन देते हैं। लक्षण शुरू होने के 48 घंटे के अंदर टेमीफ्लू दवा के सेवन से लक्षणों को कम करने में ज्यादा मदद मिलती है। इसलिए फ्लू के लक्षण दिखाई देते ही टेस्ट कराकर जल्द से जल्द दवा का सेवन शुरू कर देना चाहिए। लेकिन सामान्य खांसी-जुकाम होने पर इस दवा का सेवन न करें। इससे इस दवा के प्रति इम्यूनिटी डेवलप हो जाएगी और बाद में यह दवा कारगर साबित नहीं होगी। स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर डाइट पर विशेष ध्यान दें। इस दौरान लिक्विड का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। साथ ही आराम भी करें।

नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, कौन से प्रिकॉशन है जरूरी -

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story